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Rudraprayag News: मद्महेश्वर और कालीगंगा-द्वितीय परियोजना से बिजली उत्पादन बढ़ाने पर जोर
Tue, 27 Oct 2026 04:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Tue, 27 Oct 2026 04:41 PM IST
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फोटो
एमडी ने किया परियोजनाओं का निरीक्षण, अतिरिक्त मशीनें लगाने की संभावनाएं तलाशी
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने तीन जल विद्युत परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को तकनीकी व्यवहारिकता जांचने और ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले की मद्महेश्वर और कालीगंगा-द्वितीय लघु जल विद्युत परियोजना में एक-एक अतिरिक्त मशीन लगाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी जिससे बिजली उत्पादन बढ़ सके।
प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने 4 मेगावाट क्षमता की कालीगंगा प्रथम, 4.5 मेगावाट की कालीगंगा द्वितीय और 15 मेगावाट क्षमता की मद्महेश्वर परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने बिजली उत्पादन, परिचालन और रखरखाव की व्यवस्थाओं की समीक्षा की साथ ही परियोजनाओं में तैनात कार्मिकों से संवाद कर दुर्गम क्षेत्र में काम करने के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मद्महेश्वर और कालीगंगा-द्वितीय परियोजनाओं में अतिरिक्त मशीनें लगाने से बिजली उत्पादन बढ़ाने की संभावनाएं हैं। हालांकि पर्याप्त जल उपलब्ध होने के बावजूद बिजली निकासी की सीमित क्षमता के कारण संसाधनों का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को ग्रिड कनेक्टिविटी, जरूरी बुनियादी ढांचे और विद्युत निकासी क्षमता का आकलन कर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
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एमडी ने किया परियोजनाओं का निरीक्षण, अतिरिक्त मशीनें लगाने की संभावनाएं तलाशी
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने तीन जल विद्युत परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को तकनीकी व्यवहारिकता जांचने और ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले की मद्महेश्वर और कालीगंगा-द्वितीय लघु जल विद्युत परियोजना में एक-एक अतिरिक्त मशीन लगाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी जिससे बिजली उत्पादन बढ़ सके।
प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने 4 मेगावाट क्षमता की कालीगंगा प्रथम, 4.5 मेगावाट की कालीगंगा द्वितीय और 15 मेगावाट क्षमता की मद्महेश्वर परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने बिजली उत्पादन, परिचालन और रखरखाव की व्यवस्थाओं की समीक्षा की साथ ही परियोजनाओं में तैनात कार्मिकों से संवाद कर दुर्गम क्षेत्र में काम करने के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मद्महेश्वर और कालीगंगा-द्वितीय परियोजनाओं में अतिरिक्त मशीनें लगाने से बिजली उत्पादन बढ़ाने की संभावनाएं हैं। हालांकि पर्याप्त जल उपलब्ध होने के बावजूद बिजली निकासी की सीमित क्षमता के कारण संसाधनों का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को ग्रिड कनेक्टिविटी, जरूरी बुनियादी ढांचे और विद्युत निकासी क्षमता का आकलन कर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
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