डीएम ने मनरेगा कार्यों की धीमी गति पर संबंधित विभागीय अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि योजना में लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है। जब धरातल पर चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी हो। कहा कि जिन-जिन ग्राम पंचायतों में जॉब कार्ड के अनुसार मनरेगा कार्यों में प्रगति नहीं हुई है, वह एक सप्ताह के भीतर कार्य शुरू करें। अन्यथा संबंधित ग्राम विकास अधिकारी व अन्य के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विकास भवन सभागार में मनरेगा योजना की समीक्षा बैठक में डीएम ने संबंधित अधिकारियों को जनपद के सभी गांवों का भ्रमण कर योजना के कार्यों की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अगस्त्यमुनि, जखोली और ऊखीमठ विकासखंड के बीडीओ से मनरेगा के बारे में जानकारी मांगी। इस दौरान बीडीओ द्वारा बताया गया कि प्रतिमाह मनरेगा योजना को लेकर स्टाफ बैठक होती है, लेकिन कई विभागों के पंचायत प्रतिनिधियों के शामिल नहीं होने से कई दिक्कतें आ रही हैं। इस पर, जिलाधिकारी ने कहा कि जिस विभाग का प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं होता है, उसके निलंबन की संस्तुति दी जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सरदार सिंह, एसडीओ महिपाल सिंह सिरोही, डीईओ बेसिक डॉ. विद्याशंकर चतुर्वेदी, डीएचओ योगेंद्र सिंह चौधरी आदि मौजूद थे। (संवाद)