{"_id":"6ad623429433e36ad702ae44","slug":"construction-of-the-basukedar-iti-building-has-been-in-limbo-for-11-years-rudraprayag-news-c-5-1-drn1019-1094173-2026-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rudraprayag News: 11 साल से अधर में लटका है बसुकेदार आईटीआई भवन निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rudraprayag News: 11 साल से अधर में लटका है बसुकेदार आईटीआई भवन निर्माण
विज्ञापन
विभागीय समन्वय की कमी पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
बसुकेदार। तहसील क्षेत्र में वर्ष 2015 में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बसुकेदार में आईटीआई भवन का निर्माण की घोषणा की थी। अब 11 वर्ष बीतने के बाद पूरी नहीं हो पायी है। इससे क्षेत्रीय ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों के अनुसार, ग्रामसभा डालसिंगी ने वर्ष 2015 में भवन निर्माण के लिए नाप भूमि उपलब्ध कराई थी। वर्ष 2016-17 में निर्माण कार्य निर्माण निगम को सौंपा गया और भवन की नींव भी तैयार हुई, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता में खामियां आने पर संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया, जिसके बाद काम बंद हो गया।
लंबे समय तक निर्माण शुरू नहीं होने पर ग्रामीणों ने दोबारा पत्रावलियां प्रस्तुत कीं। इसके बाद विभाग ने 16 नाली नई भूमि की मांग की, जिसे ग्रामसभा डालसिंगी ने उपलब्ध करा दिया। तब राजस्व और वन विभाग ने भूमि का संयुक्त सर्वे भी किया तथा वन विभाग ने पेड़ों की मौजूदगी के संबंध में रिपोर्ट भेजी है। हालांकि, आईटीआई रुद्रप्रयाग के प्रधानाचार्य कुलदीप सिंह टकोला ने बताया कि वन विभाग के कारण निर्माण अटक गया है। दूसरी ओर राजस्व उपनिरीक्षक मनोज सजवान और वन विभाग के बीट अधिकारी परवीन शिरवाल ने बताया संबंधित भूमि सिविल भूमि है और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं।
ग्राम प्रधान हरीश कुमार, पूर्व प्रधान मोहन सिंह भंडारी, भगवती प्रसाद भट्ट और पूर्व प्रधान आशा देवी ने निर्माण में देरी पर नाराजगी जताते हुए विभागीय समन्वय की कमी पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से भूमि संबंधी स्थिति स्पष्ट कर आईटीआई भवन का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग की है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -
राजेश सेमवाल
विज्ञापन
बसुकेदार। तहसील क्षेत्र में वर्ष 2015 में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बसुकेदार में आईटीआई भवन का निर्माण की घोषणा की थी। अब 11 वर्ष बीतने के बाद पूरी नहीं हो पायी है। इससे क्षेत्रीय ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों के अनुसार, ग्रामसभा डालसिंगी ने वर्ष 2015 में भवन निर्माण के लिए नाप भूमि उपलब्ध कराई थी। वर्ष 2016-17 में निर्माण कार्य निर्माण निगम को सौंपा गया और भवन की नींव भी तैयार हुई, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता में खामियां आने पर संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया, जिसके बाद काम बंद हो गया।
लंबे समय तक निर्माण शुरू नहीं होने पर ग्रामीणों ने दोबारा पत्रावलियां प्रस्तुत कीं। इसके बाद विभाग ने 16 नाली नई भूमि की मांग की, जिसे ग्रामसभा डालसिंगी ने उपलब्ध करा दिया। तब राजस्व और वन विभाग ने भूमि का संयुक्त सर्वे भी किया तथा वन विभाग ने पेड़ों की मौजूदगी के संबंध में रिपोर्ट भेजी है। हालांकि, आईटीआई रुद्रप्रयाग के प्रधानाचार्य कुलदीप सिंह टकोला ने बताया कि वन विभाग के कारण निर्माण अटक गया है। दूसरी ओर राजस्व उपनिरीक्षक मनोज सजवान और वन विभाग के बीट अधिकारी परवीन शिरवाल ने बताया संबंधित भूमि सिविल भूमि है और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान हरीश कुमार, पूर्व प्रधान मोहन सिंह भंडारी, भगवती प्रसाद भट्ट और पूर्व प्रधान आशा देवी ने निर्माण में देरी पर नाराजगी जताते हुए विभागीय समन्वय की कमी पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से भूमि संबंधी स्थिति स्पष्ट कर आईटीआई भवन का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग की है।
विज्ञापन
राजेश सेमवाल