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रुद्रप्रयाग के तीन आयुर्वेदिक डाक्टर 2 वर्ष से देहरादून, हरिद्वार अटैच
Updated Thu, 05 Jul 2018 10:32 PM IST
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रुद्रप्रयाग। जिले में आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा के 32 अस्पताल और 14 आयुष विंग संचालित हो रहे हैं। इनमें शासन द्वारा स्वीकृत चिकित्सकों के 46 पदों के सापेक्ष 26 पद लंबे समय से रिक्त हैं, जबकि तीन डाक्टर पिछले दो वर्ष से देहरादून और हरिद्वार में अटैच हैं।
जनपद में आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा डाक्टरों व संसाधनों की मार झेल रही है। स्वास्थ्य केंद्रों की हालत भी दयनीय बनी हुई है। कुरझण में तैनात डा. नीलम सजवाण, मयाली में तैनात डा. एके तिवारी और अमकोटी में तैनात डा. ऋतु उपाध्याय पिछले दो वर्ष से हर्रावाला और हरिद्वार में अटैच है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ये तीनों चिकित्सक शासन द्वारा संबद्ध किए गए हैं। गणेशनगर, कोटमा, बडेथ, किमाणा, राउलेंक, घंघासू-बांगर, कंडाली, मोल्खाखाल, लमगौंडी, बैरागणा, बरसूड़ी, बाड़व सहित 17 केंद्रों का संचालन एकमात्र फार्मेसिस्ट के भरोसे हो रहा है। यहां लंबे समय से डाक्टर तैनात नहीं हो पाए हैं। वहीं, आयुष विंग सौंराखाल, घेंघड़खाल, कुन्याली, बक्सीर-बांगर, दैड़ा, चंद्रनगर व बसुकेदार सहित नौ केंद्रों में भी डाक्टर नहीं हैं। इसके अलावा एनआरएच में छह चिकित्साधिकारियों में मात्र अगस्त्यमुनि में भी डाक्टर तैनात हैं।
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जिन डाक्टरों के स्थानांतरण हुए हैं, उनकी जगह डाक्टर नहंी पहुंचे हैं। पूरे जिले में 52 के सापेक्ष 32 डाक्टरों के पद रिक्त चल रहे हैं। जबकि तीन डाक्टर अन्यत्र अटैच हैं। संसाधनों व डाक्टरों के अभाव में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में दिक्कत हो रही है।
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-केएल वर्मा, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, रुद्रप्रयाग
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जनपद में आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा डाक्टरों व संसाधनों की मार झेल रही है। स्वास्थ्य केंद्रों की हालत भी दयनीय बनी हुई है। कुरझण में तैनात डा. नीलम सजवाण, मयाली में तैनात डा. एके तिवारी और अमकोटी में तैनात डा. ऋतु उपाध्याय पिछले दो वर्ष से हर्रावाला और हरिद्वार में अटैच है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ये तीनों चिकित्सक शासन द्वारा संबद्ध किए गए हैं। गणेशनगर, कोटमा, बडेथ, किमाणा, राउलेंक, घंघासू-बांगर, कंडाली, मोल्खाखाल, लमगौंडी, बैरागणा, बरसूड़ी, बाड़व सहित 17 केंद्रों का संचालन एकमात्र फार्मेसिस्ट के भरोसे हो रहा है। यहां लंबे समय से डाक्टर तैनात नहीं हो पाए हैं। वहीं, आयुष विंग सौंराखाल, घेंघड़खाल, कुन्याली, बक्सीर-बांगर, दैड़ा, चंद्रनगर व बसुकेदार सहित नौ केंद्रों में भी डाक्टर नहीं हैं। इसके अलावा एनआरएच में छह चिकित्साधिकारियों में मात्र अगस्त्यमुनि में भी डाक्टर तैनात हैं।
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जिन डाक्टरों के स्थानांतरण हुए हैं, उनकी जगह डाक्टर नहंी पहुंचे हैं। पूरे जिले में 52 के सापेक्ष 32 डाक्टरों के पद रिक्त चल रहे हैं। जबकि तीन डाक्टर अन्यत्र अटैच हैं। संसाधनों व डाक्टरों के अभाव में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में दिक्कत हो रही है।
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-केएल वर्मा, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, रुद्रप्रयाग