{"_id":"5b3cfd9f4f1c1bbe248b4818","slug":"61530723743-rudraprayag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीनियर डॉक्टर ने नहीं की गर्भवती महिला की जांच!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीनियर डॉक्टर ने नहीं की गर्भवती महिला की जांच!
Updated Wed, 04 Jul 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
रुद्रप्रयाग। जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग के मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. दिनेश चंद्र सेमवाल ने गर्भवती महिला की मौत के मामले में अस्पताल में लापरवाही होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि दिन में ही महिला का सामान्य प्रसव कराया जा सकता था। डाक्टर ने क्यों मरीज की जांच जरूरी नहीं समझी, यह गंभीर विषय है।
सीएमएस ने कहा कि स्त्री रोग विभाग द्वारा मामले में गंभीरता नहीं दिखाई गई। जब महिला को सुबह नौ बजे भर्ती कराया गया था, तो दिन में सामान्य प्रक्रिया के तहत प्रसव कराया जा सकता था, क्योंकि महिला पूरी तरह से स्वस्थ थी। सीनियर डाक्टर द्वारा इस मामले में कोई प्रयास नहीं किए गए। यहां तक कि प्रारंभिक जांच तक भी नहीं की गई। गर्भवती को सीनियर डॉक्टर द्वारा महिला चिकित्सा अधिकारी के भरोसे छोड़ दिया गया। रात्रि को जब महिला की हालत बिगड़ने लगी, तब भी अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया गया है, यह गंभीर लापरवाही है। सीएमएस ने बताया कि मामले में सीनियर डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके झा ने बताया कि पूरे प्रकरण की विभागीय स्तर पर भी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
सीएमएस ने कहा कि स्त्री रोग विभाग द्वारा मामले में गंभीरता नहीं दिखाई गई। जब महिला को सुबह नौ बजे भर्ती कराया गया था, तो दिन में सामान्य प्रक्रिया के तहत प्रसव कराया जा सकता था, क्योंकि महिला पूरी तरह से स्वस्थ थी। सीनियर डाक्टर द्वारा इस मामले में कोई प्रयास नहीं किए गए। यहां तक कि प्रारंभिक जांच तक भी नहीं की गई। गर्भवती को सीनियर डॉक्टर द्वारा महिला चिकित्सा अधिकारी के भरोसे छोड़ दिया गया। रात्रि को जब महिला की हालत बिगड़ने लगी, तब भी अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया गया है, यह गंभीर लापरवाही है। सीएमएस ने बताया कि मामले में सीनियर डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके झा ने बताया कि पूरे प्रकरण की विभागीय स्तर पर भी जांच की जा रही है।
विज्ञापन