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रुद्रप्रयाग में खतरे के निशान पर बहती रही अलकनंदा, मंदाकिनी नदी-compat
Updated Tue, 17 Jul 2018 10:56 PM IST
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रुद्रप्रयाग। केदारघाटी और जनपद चमोली में हो रही तेज बारिश से मंगलवार को मंदाकिनी और अलकनंदा नदी पूरे दिन उफान पर रहीं। इससे निकटवर्ती इलाकों में बसे लोग दहशत में रहे। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से हाई अलर्ट जारी कर दिया है। नदी किनारे बसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग बिना बारिश के उमस भरी गर्मी की मार झेल रहा है, लेकिन मंगलवार को नगरवासियों में नदियों के बढ़ते जलस्तर से दशहत बनी रही। प्रात: 6 बजे से दोनों नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई थी। इस दौरान अलकनंदा का नदी का जलस्तर वार्निंग लेवल 626 मीटर को पार कर 626.300 मीटर को पार कर गया था। वहीं, मंदाकिनी नदी वार्निंग लेवल 625 मीटर को पार कर चुकी थी। दोनों नदियों का जलस्तर पूर्वाह्न 11 बजे तक खतरे के निशान के करीब तक बना रहा। अलकनंदा नदी के उफान से बेलणी में हनुमान मंदिर का निचला तल सहित दोनों तरफ बने नमामि गंगे के नव निर्मित पांचों घाट, मंदाकिनी नदी पर संगम के समीप नवनिर्मित शवदाह गृह और चेजिंग रूम भी जलमग्न हो गए थे। दोपहर बाद नदियों के जलस्तर में कुछ कमी आई। दोनों नदियों के उफान पर बहने से नगरवासियों में दिनभर दहशत बनी रही।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि दोनों नदियों के किनारे बसे लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से तत्पर रहने को कहा गया है। कभी भी इन लोगों को अन्यत्र शिफ्ट किया जा सकता है। राजस्व व अन्य विभागों को पूरी स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है। अगस्त्यमुनि के गंगानगर सहित चंद्रापुरी, कुंड, सोनप्रयाग और गौरीकुंड में भी मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर से लोगों में भय बना रहा।
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नदी वार्निग लेवल खतरा सामान्य मंगलवार को
अलकनंदा 626 मी. 627 मी. 621 मी. 626.400 मी.
मंदाकिनी 625 मी. 626 मी. 620 मी. 625.600 मी.
जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग बिना बारिश के उमस भरी गर्मी की मार झेल रहा है, लेकिन मंगलवार को नगरवासियों में नदियों के बढ़ते जलस्तर से दशहत बनी रही। प्रात: 6 बजे से दोनों नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई थी। इस दौरान अलकनंदा का नदी का जलस्तर वार्निंग लेवल 626 मीटर को पार कर 626.300 मीटर को पार कर गया था। वहीं, मंदाकिनी नदी वार्निंग लेवल 625 मीटर को पार कर चुकी थी। दोनों नदियों का जलस्तर पूर्वाह्न 11 बजे तक खतरे के निशान के करीब तक बना रहा। अलकनंदा नदी के उफान से बेलणी में हनुमान मंदिर का निचला तल सहित दोनों तरफ बने नमामि गंगे के नव निर्मित पांचों घाट, मंदाकिनी नदी पर संगम के समीप नवनिर्मित शवदाह गृह और चेजिंग रूम भी जलमग्न हो गए थे। दोपहर बाद नदियों के जलस्तर में कुछ कमी आई। दोनों नदियों के उफान पर बहने से नगरवासियों में दिनभर दहशत बनी रही।
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जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि दोनों नदियों के किनारे बसे लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से तत्पर रहने को कहा गया है। कभी भी इन लोगों को अन्यत्र शिफ्ट किया जा सकता है। राजस्व व अन्य विभागों को पूरी स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है। अगस्त्यमुनि के गंगानगर सहित चंद्रापुरी, कुंड, सोनप्रयाग और गौरीकुंड में भी मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर से लोगों में भय बना रहा।
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नदी वार्निग लेवल खतरा सामान्य मंगलवार को
अलकनंदा 626 मी. 627 मी. 621 मी. 626.400 मी.
मंदाकिनी 625 मी. 626 मी. 620 मी. 625.600 मी.