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आधुनिक खेती के गुर सीख रहे जिले के काश्तकार
Updated Wed, 25 Jul 2018 10:37 PM IST
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गुप्तकाशी। आत्म परियोजना के तहत कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में तीन ब्लाक के 45 काश्तकारों को आधुनिक खेती के गुर सिखाए गए। वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करने के उद्देश्य से जिले में काश्तकारों को कृषि एवं उद्यानीकरण की जानकारी दी जा रही है।
डीएम मंगेश घिल्डियाल की पहल पर रुद्रप्रयाग को सब्जी, फल, फूल और नकदी फसलों में अगले चार वर्षों में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी के तहत जिले में 17 मॉडल गांव चयनित किए गए हैं, जिनके काश्तकारों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी के तहत आत्मा परियोजना में कृषि विज्ञान केंद्र में अगस्त्यमुनि, जखोली और ऊखीमठ के 45 काश्तकारों को कृषि व उद्यान की जानकारी दी गई। केंद्र के प्रभारी डा. वीके वर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण में पॉलीहाउस में सब्जियों का उत्पादन, जैविक खाद का उपयोग, मौसमी फल व विभिन्न फूलों के उत्पादन की विधि बताई गई। मुख्य कृषि अधिकारी एसएस वर्मा ने बताया कि काश्तकारों की ओर से गांवों में फ्रासबीन, भिंडी, खीरा, शिमला मिर्च, आलू, टमाटर का बीते वर्षों की तुलना में अच्छा उत्पादन किया जा रहा है।
डीएम मंगेश घिल्डियाल की पहल पर रुद्रप्रयाग को सब्जी, फल, फूल और नकदी फसलों में अगले चार वर्षों में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी के तहत जिले में 17 मॉडल गांव चयनित किए गए हैं, जिनके काश्तकारों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी के तहत आत्मा परियोजना में कृषि विज्ञान केंद्र में अगस्त्यमुनि, जखोली और ऊखीमठ के 45 काश्तकारों को कृषि व उद्यान की जानकारी दी गई। केंद्र के प्रभारी डा. वीके वर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण में पॉलीहाउस में सब्जियों का उत्पादन, जैविक खाद का उपयोग, मौसमी फल व विभिन्न फूलों के उत्पादन की विधि बताई गई। मुख्य कृषि अधिकारी एसएस वर्मा ने बताया कि काश्तकारों की ओर से गांवों में फ्रासबीन, भिंडी, खीरा, शिमला मिर्च, आलू, टमाटर का बीते वर्षों की तुलना में अच्छा उत्पादन किया जा रहा है।
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