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सीनियर गाइनोकोलॉजिस्ट के खिलाफ दर्ज मुकदमा होगा वापस
Updated Sat, 21 Jul 2018 10:44 PM IST
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रुद्रप्रयाग। जिला चिकित्सालय से गंभीर हालत में रेफर की गई गर्भवती महिला की मौत के मामले में मजिस्ट्रीयल जांच के बाद कोतवाली में दर्ज मुकदमा मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने के कारण वापस लिया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने से न्यायालय में मुकदमा खारिज करने के लिए पत्र प्रेषित कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा ने बताया कि चिकित्सक से संबंधित मामलों में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट अनिवार्य होती है। उसके आधार पर उसकी लापरवाही का उल्लेख किया जा सकता है। तभी अभियोग पंजीकरण की कार्रवाई की जाती है। बताया कि गर्भवती महिला आशा देवी की मौत के प्रकरण में मजिस्ट्रीयल जांच रिपोर्ट तो प्राप्त हुई है, लेकिन मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। ऐसे में डाक्टर की लापरवाही या उसे दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।
इधर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन में कहा गया है कि डाक्टर के मामले में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद ही अभियोग पंजीकरण हो सकता है। बताया कि सीएमओ डा. एसके झा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड गठित किया गया था, जिसमें वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. दिग्विजय सिंह रावत और एसीएमओ डा. ओपी आर्य शामिल हैं। वहीं सीएमओ डा. झा ने बताया कि इस सप्ताह उन्हें रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी। दूसरी ओर, शनिवार को सीनियर स्त्री विशेषज्ञ के समर्थन में जिला चिकित्सालय के डाक्टरों ने चार घंटे तक कार्य बहिष्कार किया।
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पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा ने बताया कि चिकित्सक से संबंधित मामलों में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट अनिवार्य होती है। उसके आधार पर उसकी लापरवाही का उल्लेख किया जा सकता है। तभी अभियोग पंजीकरण की कार्रवाई की जाती है। बताया कि गर्भवती महिला आशा देवी की मौत के प्रकरण में मजिस्ट्रीयल जांच रिपोर्ट तो प्राप्त हुई है, लेकिन मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। ऐसे में डाक्टर की लापरवाही या उसे दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।
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इधर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन में कहा गया है कि डाक्टर के मामले में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद ही अभियोग पंजीकरण हो सकता है। बताया कि सीएमओ डा. एसके झा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड गठित किया गया था, जिसमें वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. दिग्विजय सिंह रावत और एसीएमओ डा. ओपी आर्य शामिल हैं। वहीं सीएमओ डा. झा ने बताया कि इस सप्ताह उन्हें रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी। दूसरी ओर, शनिवार को सीनियर स्त्री विशेषज्ञ के समर्थन में जिला चिकित्सालय के डाक्टरों ने चार घंटे तक कार्य बहिष्कार किया।
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