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जर्जर हो रहा बदरीनाथ व गौरीकुंड हाईवे को जोडने वाला बेलणी पुल-compat
Updated Mon, 23 Jul 2018 10:32 PM IST
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रुद्रप्रयाग। ऋषिकेश-बदरीनाथ और रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाले बेलणी पुल सहित जिले में कई मोटर और पैदल पुल हादसों का सबब बने हुए हैं। यहां, कब कोई अनहोनी हो जाए, कहा नहीं जा सकता है।
60 के दशक में अलकनंदा नदी पर बने बेलणी पुल के गार्डर नीचे की तरफ से जंग से सड़ रहे हैं, इस पुल पर हर रोज हल्के और भारी वाहन फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। तल्ला नागपुर और धनपुर के गांवों को जोड़ने वाला कोठगी-घोलतीर झूला पुल की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है। दोनों छोर से पुल जर्जर हो चुका है। दो वर्ष पूर्व तो पुल का काफी तिरछा हो गया था, जिसे बमुश्किल से ठीक किया गया है। इधर कोटेश्वर, रामपुर, भीरी, काकड़ागाड़, फतेहपुर सहित जखोली, ऊखीमठ ब्लाक के दूरस्थ गांवों को जोड़ने वाले झूला पुलों की स्थिति भी खस्ताहाल है। ग्रामीण जान हथेली पर रखकर आवाजाही को मजबूर हैं।
कब बनेंगे पुल
केदारनाथ आपदा में मंदाकिनी नदी पर बहे आठ पुलों में सिर्फ तीन ही बन पाए हैं। विजयनगर, चंद्रापुरी में करोड़ों रुपये खर्च के बाद भी पुलों का निर्माण अधर में लटका हुआ है। जबकि विद्यापीठ, रयायूं और रेल गांव के लिए पुल स्वीकृत नहीं हो पाए हैं। यहां ग्रामीण जर्जर ट्रालियों से आवाजाही को मजबूर हैं। इन ट्रालियों से बीते दो वर्षो में एक बच्ची सहित तीन की नदी में गिरने से मौत हो चुकी है।
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इनका कहना है --
विजयनगर और चंद्रापुरी पुल के निर्माण को पूरा करने के लिए लोनिवि को शासन से धन प्राप्त हो चुका है। विभाग को एक माह में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने पुलों के प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट मांगी जा रही है।
-मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग
60 के दशक में अलकनंदा नदी पर बने बेलणी पुल के गार्डर नीचे की तरफ से जंग से सड़ रहे हैं, इस पुल पर हर रोज हल्के और भारी वाहन फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। तल्ला नागपुर और धनपुर के गांवों को जोड़ने वाला कोठगी-घोलतीर झूला पुल की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है। दोनों छोर से पुल जर्जर हो चुका है। दो वर्ष पूर्व तो पुल का काफी तिरछा हो गया था, जिसे बमुश्किल से ठीक किया गया है। इधर कोटेश्वर, रामपुर, भीरी, काकड़ागाड़, फतेहपुर सहित जखोली, ऊखीमठ ब्लाक के दूरस्थ गांवों को जोड़ने वाले झूला पुलों की स्थिति भी खस्ताहाल है। ग्रामीण जान हथेली पर रखकर आवाजाही को मजबूर हैं।
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कब बनेंगे पुल
केदारनाथ आपदा में मंदाकिनी नदी पर बहे आठ पुलों में सिर्फ तीन ही बन पाए हैं। विजयनगर, चंद्रापुरी में करोड़ों रुपये खर्च के बाद भी पुलों का निर्माण अधर में लटका हुआ है। जबकि विद्यापीठ, रयायूं और रेल गांव के लिए पुल स्वीकृत नहीं हो पाए हैं। यहां ग्रामीण जर्जर ट्रालियों से आवाजाही को मजबूर हैं। इन ट्रालियों से बीते दो वर्षो में एक बच्ची सहित तीन की नदी में गिरने से मौत हो चुकी है।
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इनका कहना है --
विजयनगर और चंद्रापुरी पुल के निर्माण को पूरा करने के लिए लोनिवि को शासन से धन प्राप्त हो चुका है। विभाग को एक माह में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने पुलों के प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट मांगी जा रही है।
-मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग