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मांगों की अनदेखी से शिक्षक संघ में आक्रोश
Updated Fri, 20 Jul 2018 10:24 PM IST
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श्रीनगर। राजकीय शिक्षक संघ ने स्थानांतरण को 10 फीसदी तक सीमित रखना तबादला कानून के मूल धारणा के विपरीत बताया है। साथ ही शिक्षकों को एसीपी दिए जाने की मांग भी की है। संघ ने मांगों की अनदेखी पर आक्रोश जताया।
राजकीय शिक्षक संघ के मंडलीय अध्यक्ष रविंद्र सिंह राणा व पूर्व मंडलीय मंत्री शिव सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि सकार शिक्षकों को एसीपी दिए जाने पर हमेशा से ना नुकुर करती आई है। सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों में शिक्षकों का स्पेशल कैटेगिरी स्केल समाप्त कर दिए गए हैं। लिहाजा शिक्षकों को एसीपी का लाभ दिया जाना चाहिए। इस दौरान कर्मचारियों की एसपी जैसी महत्वपूर्ण मांग को कैबिनेट के माध्यम से हल किए जाने संबंधी सरकार के बायन का स्वागत करते हुए शिक्षकों ने भी एसीपी से आच्छादित करने की मांग की है। राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व मंडलीय मंत्री ने कहा कि स्थानांतरण को दस प्रतिशत तक सीमित करना भी तबादला कानून की मूल भावना विरुद्ध है। एक्ट में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि रिक्तियों के सापेक्ष स्थानांतरण किए जाए। उन्होंने स्थानांतरण के क्रम पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि पहले सुगम से दुर्गम पर, दुर्गम से सुगम और फिर अनुरोध की श्रेणी के तबादले होने चाहिए। उन्होंने अभी तक सूची निर्गत नहीं करने पर भी आक्रोश जताया है। इसके अलावा उन्होंने पूर्व में लंबित मांगों जैसे शिक्षकों को चयन वेतनमान, अंतरमंडलीय स्थानांतरण , वरिष्ठ एवं कनिष्ठ वेतन विसंगति आदि पर भी शीघ्र कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शिक्षक संघ ने मांगों पर कार्रवाई न होने की दशा में आंदोलन की चेतावनी दी है।
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शिक्षक संघ ने आंदोलन की रणनीति पर की चर्चा
रुद्रप्रयाग। राजकीय शिक्षक संघ की जिला कार्यकारिणी की बैठक में शनिवार को प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर होने वाले आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा की गई। बैठक में सभी शिक्षकों से आंदोलन को सफल बनाने की अपील की गई।
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जिला मुख्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष आनंद सिंह जगवाण ने कहा कि विगत लंबे समय से शिक्षकों की लंबित समस्याओं के संबंध में शासन से चर्चा की जा रही है, लेकिन शासन द्वारा संगठन की मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। बैठक में प्रांतीय कार्यकारिणी के दिशा निर्देशों पर निर्णय लिया गया कि अपनी मांगों को लेकर शनिवार को जिला व ब्लाक के सभी पदाधिकारी निदेशालय में होने वाले क्रमिक अनशन में शामिल होंगे। इसके अलावा बैठक में स्थानांतरण अधिनियम के तहत शत प्रतिशत स्थानांतरण किए जाने, कोटिकरण व कोटिकरण को दूर करने, एसीपी का लाभ दिए जाने, विज्ञान विषयों व कला में भूगोल विषय की पदोन्नति किए जाने सहित अन्य मांगों पर चर्चा की गई। इस मौके पर मंत्री पंकज भट्ट, संरक्षक उम्मेद सिंह गुंसाई, रविंद्र पंवार, अजय चौधरी, मित्रानंद मैठाणी, ब्लाक अध्यक्ष गजेंद्र करासी समत अन्य मौजूद थे।
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राजकीय शिक्षक संघ के मंडलीय अध्यक्ष रविंद्र सिंह राणा व पूर्व मंडलीय मंत्री शिव सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि सकार शिक्षकों को एसीपी दिए जाने पर हमेशा से ना नुकुर करती आई है। सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों में शिक्षकों का स्पेशल कैटेगिरी स्केल समाप्त कर दिए गए हैं। लिहाजा शिक्षकों को एसीपी का लाभ दिया जाना चाहिए। इस दौरान कर्मचारियों की एसपी जैसी महत्वपूर्ण मांग को कैबिनेट के माध्यम से हल किए जाने संबंधी सरकार के बायन का स्वागत करते हुए शिक्षकों ने भी एसीपी से आच्छादित करने की मांग की है। राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व मंडलीय मंत्री ने कहा कि स्थानांतरण को दस प्रतिशत तक सीमित करना भी तबादला कानून की मूल भावना विरुद्ध है। एक्ट में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि रिक्तियों के सापेक्ष स्थानांतरण किए जाए। उन्होंने स्थानांतरण के क्रम पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि पहले सुगम से दुर्गम पर, दुर्गम से सुगम और फिर अनुरोध की श्रेणी के तबादले होने चाहिए। उन्होंने अभी तक सूची निर्गत नहीं करने पर भी आक्रोश जताया है। इसके अलावा उन्होंने पूर्व में लंबित मांगों जैसे शिक्षकों को चयन वेतनमान, अंतरमंडलीय स्थानांतरण , वरिष्ठ एवं कनिष्ठ वेतन विसंगति आदि पर भी शीघ्र कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शिक्षक संघ ने मांगों पर कार्रवाई न होने की दशा में आंदोलन की चेतावनी दी है।
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शिक्षक संघ ने आंदोलन की रणनीति पर की चर्चा
रुद्रप्रयाग। राजकीय शिक्षक संघ की जिला कार्यकारिणी की बैठक में शनिवार को प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर होने वाले आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा की गई। बैठक में सभी शिक्षकों से आंदोलन को सफल बनाने की अपील की गई।
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जिला मुख्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष आनंद सिंह जगवाण ने कहा कि विगत लंबे समय से शिक्षकों की लंबित समस्याओं के संबंध में शासन से चर्चा की जा रही है, लेकिन शासन द्वारा संगठन की मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। बैठक में प्रांतीय कार्यकारिणी के दिशा निर्देशों पर निर्णय लिया गया कि अपनी मांगों को लेकर शनिवार को जिला व ब्लाक के सभी पदाधिकारी निदेशालय में होने वाले क्रमिक अनशन में शामिल होंगे। इसके अलावा बैठक में स्थानांतरण अधिनियम के तहत शत प्रतिशत स्थानांतरण किए जाने, कोटिकरण व कोटिकरण को दूर करने, एसीपी का लाभ दिए जाने, विज्ञान विषयों व कला में भूगोल विषय की पदोन्नति किए जाने सहित अन्य मांगों पर चर्चा की गई। इस मौके पर मंत्री पंकज भट्ट, संरक्षक उम्मेद सिंह गुंसाई, रविंद्र पंवार, अजय चौधरी, मित्रानंद मैठाणी, ब्लाक अध्यक्ष गजेंद्र करासी समत अन्य मौजूद थे।