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1 करोड़ 48 लाख रुपये से होगी उषाड़ा गांव की सुरक्षा
Updated Sun, 15 Jul 2018 10:40 PM IST
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ऊखीमठ। दो वर्ष पूर्व अतिवृष्टि से प्रभावित तुंगनाथ घाटी के उषाड़ा गांव की सुरक्षा को लेकर शासन- प्रशासन अब हरकत में आया है। शासन द्वारा
यहां सुरक्षा और आकाशकामिनी नदी से हो रहे भू-कटाव को रोकने के लिए 148 लाख रुपये में चेकडैम और रास्तों का निर्माण किए जाने की स्वीकृत दी गई है। निर्माण की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग केदारनाथ खंड को सौंपी गई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्य शुरू किया जाएगा।
आपदा प्रभावित उषाड़ा गांव में जल्द ही बाढ़ सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। सिंचाई विभाग द्वारा गांव के मध्य में बहने वाले बरसाती गदेरे के दोनों तरफ सुरक्षा दीवार व चेकडैम बनाए जाएंगे, जिससे बरसाती सीजन में पानी के तेज बहाव से भू-कटाव न हो। साथ ही गांव में आपदा के बाद से सक्रिय भूस्खलन जोन की भी मरम्मत की जाएगी। इसके अलाव गांव के नीचे बह रही आकाशकामिनी नदी के बहाव से हो रहे भू-कटाव को रोकने के लिए सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता योगेश कोठियाल ने बताया कि उषाड़ा गांव में होने वाले बाढ़ सुरक्षा कार्यों को लेकर धनराशि स्वीकृत हो गई है। कार्यों की निविदा प्रक्रिया शुरू होने वाली है। बताया कि सितंबर माह से चेकडैम व सुरक्षा दीवार कार्य शुरू हो जाएगा। निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृति पर मिलने पर खुशी जाहिर करते सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल बजवाल ने बताया कि देर से ही सही, गांव की सुरक्षा की सुध ली गई है। अब, बरसात के भय से ग्रामीणों को अपने घर नहीं छोड़ने पड़ेंगे। गांव के हालातों पर अमर उजाला ने 6 जुलाई के अंक में अतिवृष्टि से प्रभावित गांव की नहीं ली सुध, शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। 23 मई 2016 को उषाड़ा गांव में बादल फटने से व्यापक क्षति हुई थी। साथ ही गांव के नीचे बह रही आकाशकामिनी नदी के तेज बहाव से भू-कटाव हो गया था। आज भी गांव की जमीन धंस रही है।
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यहां सुरक्षा और आकाशकामिनी नदी से हो रहे भू-कटाव को रोकने के लिए 148 लाख रुपये में चेकडैम और रास्तों का निर्माण किए जाने की स्वीकृत दी गई है। निर्माण की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग केदारनाथ खंड को सौंपी गई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्य शुरू किया जाएगा।
आपदा प्रभावित उषाड़ा गांव में जल्द ही बाढ़ सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। सिंचाई विभाग द्वारा गांव के मध्य में बहने वाले बरसाती गदेरे के दोनों तरफ सुरक्षा दीवार व चेकडैम बनाए जाएंगे, जिससे बरसाती सीजन में पानी के तेज बहाव से भू-कटाव न हो। साथ ही गांव में आपदा के बाद से सक्रिय भूस्खलन जोन की भी मरम्मत की जाएगी। इसके अलाव गांव के नीचे बह रही आकाशकामिनी नदी के बहाव से हो रहे भू-कटाव को रोकने के लिए सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता योगेश कोठियाल ने बताया कि उषाड़ा गांव में होने वाले बाढ़ सुरक्षा कार्यों को लेकर धनराशि स्वीकृत हो गई है। कार्यों की निविदा प्रक्रिया शुरू होने वाली है। बताया कि सितंबर माह से चेकडैम व सुरक्षा दीवार कार्य शुरू हो जाएगा। निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृति पर मिलने पर खुशी जाहिर करते सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल बजवाल ने बताया कि देर से ही सही, गांव की सुरक्षा की सुध ली गई है। अब, बरसात के भय से ग्रामीणों को अपने घर नहीं छोड़ने पड़ेंगे। गांव के हालातों पर अमर उजाला ने 6 जुलाई के अंक में अतिवृष्टि से प्रभावित गांव की नहीं ली सुध, शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। 23 मई 2016 को उषाड़ा गांव में बादल फटने से व्यापक क्षति हुई थी। साथ ही गांव के नीचे बह रही आकाशकामिनी नदी के तेज बहाव से भू-कटाव हो गया था। आज भी गांव की जमीन धंस रही है।
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