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अतिवृष्टि से 350 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:20 PM IST
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ऊखीमठ। वज्रपात से रविवार देर रात्रि दो अलग-अलग स्थानों पर 350 से अधिक भेड़-बकरियां मर गई। इस दौरान दो पशुपालकों के भी घायल होने की सूचना है। एसडीएम ने रेस्क्यू टीमें गठित कर क्षेत्र के लिए रवाना कर दी गई हैं।
देर रात्रि करीब 2 बजे बिसुड़ी ताल के छजमानी में वज्रपात से 200 भेड़-बकरियां मर गई थी। उधर, भादड़ी में भी अतिवृष्टि से 150 भेड़-बकरियों की मर जबकि आसमानी बिजली की चपेट में आने से पशुपालक देवेंद्र सिंह व आलम सिंह भी घायल हुए हैं। इधर, सोमवार को एसडीएम गोपाल चौहान ने दोनों क्षेत्रों के लिए राजस्व, वन और पशुपालन विभाग के कर्मचारियों के साथ एसडीआरएफ के जवानों की दो टीमें गठित की। एसडीएम ने बताया कि दो पशुपालकों के घायल होने की बात भी कही जा रही है, जिसमें एक लकवाग्रस्त हो गया है। पूरी स्थिति टीम के वहां पहुंचने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। ग्रीष्मकाल में गांवों के पशुपालक अपने भेड़-बकरियों के साथ बुग्याल क्षेत्रों में चले जाते हैं। जहां वे मानसून सीजन तक रहते हैं। सर्दियां शुरू होते ही ये चरवाहे अपने पशुओं के साथ वापस लौटने लगते हैं।
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देर रात्रि करीब 2 बजे बिसुड़ी ताल के छजमानी में वज्रपात से 200 भेड़-बकरियां मर गई थी। उधर, भादड़ी में भी अतिवृष्टि से 150 भेड़-बकरियों की मर जबकि आसमानी बिजली की चपेट में आने से पशुपालक देवेंद्र सिंह व आलम सिंह भी घायल हुए हैं। इधर, सोमवार को एसडीएम गोपाल चौहान ने दोनों क्षेत्रों के लिए राजस्व, वन और पशुपालन विभाग के कर्मचारियों के साथ एसडीआरएफ के जवानों की दो टीमें गठित की। एसडीएम ने बताया कि दो पशुपालकों के घायल होने की बात भी कही जा रही है, जिसमें एक लकवाग्रस्त हो गया है। पूरी स्थिति टीम के वहां पहुंचने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। ग्रीष्मकाल में गांवों के पशुपालक अपने भेड़-बकरियों के साथ बुग्याल क्षेत्रों में चले जाते हैं। जहां वे मानसून सीजन तक रहते हैं। सर्दियां शुरू होते ही ये चरवाहे अपने पशुओं के साथ वापस लौटने लगते हैं।
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