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खबर छपी तो ग्रामीणों का हाल जानने पहुंची टीम
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करीब 15 दिन से संदिग्ध बुखार का दंश झेल रहे भलस्वागाज के ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने अगले ही दिन टीम भेजकर गांव में सर्वे कराया। इस दौरान शिविर लगाकर 59 लोगों के सैंपल लिए गए। इसके अलावा दो और गांवों में 71 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।
झबरेड़ा क्षेत्र के भलस्वागाज गांव में कुछ दिनों से संदिग्ध बुखार ने पैर पसार लिए थे। एक के बाद एक कई घरों में लोग बुखार की चपेट में आ गए थे। कुछ लोगों ने रुड़की तो कुछ लोगों ने देहरादून के अस्पतालों में इलाज करवाया। कुछ अस्पतालों की जांच में लोगों में डेंगू की पुष्टि भी हुई थी। पीड़ित आदित्य राणा, शकुंतला, लाखन सिंह, राजकुमार, मुकुल ने बताया कि गांव में शायद ही कोई परिवार बचा होगा, जिसमें किसी सदस्य को बुखार न आया हो। ग्रामीण डिंपल राणा ने बताया कि बार-बार कहने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव का रुख नहीं किया। इसके बाद ग्रामीणों की समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गांव पहुंची। टीम ने गांव में संदिग्ध बुखार की चपेट में आए लोगों का हाल जाना।
साथ ही शिविर लगाकर करीब 59 लोगों के सैंपल लिए। गांव में साफ-सफाई रखने के निर्देश देते हुए कहा कि लोग अपने घरों और आंगन में पानी एकत्र न होने दें। इससे डेंगू का लार्वा पनप सकता है। भगवानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. विक्रांत सिरोही ने बताया कि भलस्वागाज गांव में बुखार से पीड़ित ग्रामीणों की जानकारी मिली थी। टीम ने गांव पहुंचकर 59 ग्रामीणों के सैंपल लिए हैं। जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगा कि कितने लोग डेंगू से पीड़ित हैं। वहीं, दूसरी ओर लंढौरा क्षेत्र के गाधारोणा गांव में भी संदिग्ध बुखार के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। शुक्रवार को भी कई लोग संदिग्ध बुखार की चपेट में आए। सूचना पर गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगाया और 30 लोगों के सैंपल लिए। इसके अलावा मुंडलाना में भी टीम ने कैंप लगाकर 41 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरनाम सिंह ने बताया कि तीनों गांवों से सैंपल लेकर सिविल अस्पताल रुड़की भेज दिए गए हैं। एक-दो दिन में रिपोर्ट आते ही गांव में सभी एहतियात बरते जाएंगे।
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चार मरीज भर्ती, चार को मिली छुट्टी
सिविल अस्पताल में बनाए गए डेंगू वार्ड में शुक्रवार को चार डेंगू पीड़ितों को भर्ती किया गया है जबकि चार लोगों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दी गई। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि डेंगू वार्ड में मरीजों को सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। गाधारोणा से चार मरीज आए थे, जिन्हें डेंगू वार्ड में भर्ती कर लिया गया है। अलग-अलग क्षेत्रों के चार मरीजों का स्वास्थ्य ठीक होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई है।
संदिग्ध बुखार से एक की मौत
भगवानपुर। ग्राम डाडा जलालपुर निवासी 37 वर्षीय युवक संदिग्ध बुखार के चलते लगभग पांच दिनों से देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती था। ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार को युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है की युवक को कुछ दिन पूर्व बुखार आया था। वहीं, भगवानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. विक्रांत सिरोही का कहना है कि कुछ ग्रामीणों से इसकी सूचना मिली है। गांव में आज टीम भेजी जाएगी। जांच के बाद ही युवक की मौत के बारे में कुछ कहा जा सकता है। संवाद
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झबरेड़ा क्षेत्र के भलस्वागाज गांव में कुछ दिनों से संदिग्ध बुखार ने पैर पसार लिए थे। एक के बाद एक कई घरों में लोग बुखार की चपेट में आ गए थे। कुछ लोगों ने रुड़की तो कुछ लोगों ने देहरादून के अस्पतालों में इलाज करवाया। कुछ अस्पतालों की जांच में लोगों में डेंगू की पुष्टि भी हुई थी। पीड़ित आदित्य राणा, शकुंतला, लाखन सिंह, राजकुमार, मुकुल ने बताया कि गांव में शायद ही कोई परिवार बचा होगा, जिसमें किसी सदस्य को बुखार न आया हो। ग्रामीण डिंपल राणा ने बताया कि बार-बार कहने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव का रुख नहीं किया। इसके बाद ग्रामीणों की समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गांव पहुंची। टीम ने गांव में संदिग्ध बुखार की चपेट में आए लोगों का हाल जाना।
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साथ ही शिविर लगाकर करीब 59 लोगों के सैंपल लिए। गांव में साफ-सफाई रखने के निर्देश देते हुए कहा कि लोग अपने घरों और आंगन में पानी एकत्र न होने दें। इससे डेंगू का लार्वा पनप सकता है। भगवानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. विक्रांत सिरोही ने बताया कि भलस्वागाज गांव में बुखार से पीड़ित ग्रामीणों की जानकारी मिली थी। टीम ने गांव पहुंचकर 59 ग्रामीणों के सैंपल लिए हैं। जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगा कि कितने लोग डेंगू से पीड़ित हैं। वहीं, दूसरी ओर लंढौरा क्षेत्र के गाधारोणा गांव में भी संदिग्ध बुखार के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। शुक्रवार को भी कई लोग संदिग्ध बुखार की चपेट में आए। सूचना पर गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगाया और 30 लोगों के सैंपल लिए। इसके अलावा मुंडलाना में भी टीम ने कैंप लगाकर 41 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरनाम सिंह ने बताया कि तीनों गांवों से सैंपल लेकर सिविल अस्पताल रुड़की भेज दिए गए हैं। एक-दो दिन में रिपोर्ट आते ही गांव में सभी एहतियात बरते जाएंगे।
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चार मरीज भर्ती, चार को मिली छुट्टी
सिविल अस्पताल में बनाए गए डेंगू वार्ड में शुक्रवार को चार डेंगू पीड़ितों को भर्ती किया गया है जबकि चार लोगों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दी गई। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि डेंगू वार्ड में मरीजों को सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। गाधारोणा से चार मरीज आए थे, जिन्हें डेंगू वार्ड में भर्ती कर लिया गया है। अलग-अलग क्षेत्रों के चार मरीजों का स्वास्थ्य ठीक होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई है।
संदिग्ध बुखार से एक की मौत
भगवानपुर। ग्राम डाडा जलालपुर निवासी 37 वर्षीय युवक संदिग्ध बुखार के चलते लगभग पांच दिनों से देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती था। ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार को युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है की युवक को कुछ दिन पूर्व बुखार आया था। वहीं, भगवानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. विक्रांत सिरोही का कहना है कि कुछ ग्रामीणों से इसकी सूचना मिली है। गांव में आज टीम भेजी जाएगी। जांच के बाद ही युवक की मौत के बारे में कुछ कहा जा सकता है। संवाद