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एक नवंबर को दीपावली मनाना शास्त्रसम्मत : ओमजी वैदिक
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Iकहा- अयोध्या जैसे तीर्थ स्थलों पर भी इसी दिन मनाई जाएगी दीपावलीI
दीपावली पर्व को लेकर इस बार संशय की स्थिति है। कुछ लोग 31 अक्तूबर को दीपावली मनाए जाने की बात कह रहे हैं, जबकि कुछ लोग एक नवंबर को दीपावली पर्व होने को शास्त्रसम्मत बता रहे हैं। दीपावली पर्व कब मनाया जाए, इसको लेकर रविवार को पंचशील काली माता मंदिर के पुजारी ओमजी वैदिक ने पत्रकारवार्ता की।
वैदिक ने कहा कि वैदिक पंचांग के हिसाब से एक नवंबर को दीपावली का त्योहार मनाना सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने कहा कि वैदिक ब्राह्मणों द्वारा अयोध्या आदि मुख्य तीर्थ स्थलों पर भी एक नवंबर को ही दीपावली का त्योहार मनाने का निर्णय लिया गया है। धर्मगुरु शंकराचार्य ने भी इसी दिन दीपावली मानने को शास्त्र सम्मत बताया है। ऐसे में सोशल मीडिया से प्रभावित होकर अन्य तिथि में त्योहार मनाना उचित नहीं है।
उन्होंने बताया कि एक नवंबर को शाम 6:17 तक अमावस्या तिथि पड़ रही है। प्रदोष व्यापिनी अमावस्या होने के चलते इस दिन पितरों और लक्ष्मी की पूजा करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। ओमजी वैदिक ने कहा कि हमारे प्रत्येक त्योहार और शुभ कार्य पंचांग के अनुसार ही निर्धारित किए जाते हैं। दीपावली भी पंचांग के अनुसार एक नवंबर को ही मनाए। इस दौरान सचिन शास्त्री, आचार्य राजकुमार कौशिक, आचार्य चेतन, आचार्य रोहित आदि मौजूद रहे।
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दीपावली पर्व को लेकर इस बार संशय की स्थिति है। कुछ लोग 31 अक्तूबर को दीपावली मनाए जाने की बात कह रहे हैं, जबकि कुछ लोग एक नवंबर को दीपावली पर्व होने को शास्त्रसम्मत बता रहे हैं। दीपावली पर्व कब मनाया जाए, इसको लेकर रविवार को पंचशील काली माता मंदिर के पुजारी ओमजी वैदिक ने पत्रकारवार्ता की।
वैदिक ने कहा कि वैदिक पंचांग के हिसाब से एक नवंबर को दीपावली का त्योहार मनाना सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने कहा कि वैदिक ब्राह्मणों द्वारा अयोध्या आदि मुख्य तीर्थ स्थलों पर भी एक नवंबर को ही दीपावली का त्योहार मनाने का निर्णय लिया गया है। धर्मगुरु शंकराचार्य ने भी इसी दिन दीपावली मानने को शास्त्र सम्मत बताया है। ऐसे में सोशल मीडिया से प्रभावित होकर अन्य तिथि में त्योहार मनाना उचित नहीं है।
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उन्होंने बताया कि एक नवंबर को शाम 6:17 तक अमावस्या तिथि पड़ रही है। प्रदोष व्यापिनी अमावस्या होने के चलते इस दिन पितरों और लक्ष्मी की पूजा करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। ओमजी वैदिक ने कहा कि हमारे प्रत्येक त्योहार और शुभ कार्य पंचांग के अनुसार ही निर्धारित किए जाते हैं। दीपावली भी पंचांग के अनुसार एक नवंबर को ही मनाए। इस दौरान सचिन शास्त्री, आचार्य राजकुमार कौशिक, आचार्य चेतन, आचार्य रोहित आदि मौजूद रहे।
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