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एक ही साल में राइजनिंग लाइन के पाइप में हुए छेद
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रामनगर में बिछी राइजनिंग लाइन एक साल में ही खराब होने लगी है। जगह-जगह छेद होने से पानी लीक होकर सड़कों पर बर्बाद हो रहा है। शिकायत के बाद कर्मचारियों ने एक लीकेज को ठीक किया तो दूसरी लीकेज सामने आ रही है। मामले में स्थानीय पार्षद ने जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता से शिकायत कर गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
जल संस्थान की ओर से पिछले साल रामनगर में राइजनिंग लाइन बिछाई थी। लाइन बिछने से लोगों को उम्मीद थी कि अब लंबे समय तक पानी लीकेज की समस्या सामने नहीं आएगी, लेकिन एक साल में ही राइजनिंग लाइन में जगह-जगह छेद हो गए हैं। शिकायत पर कर्मचारी एक जगह लीकेज ठीक करते हैं तो अगले दिन दूसरी लीकेज हो जाती है। इससे जहां पानी की बर्बादी हो रही है तो वहीं दूसरी ओर सड़क पर भी जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। पार्षद पंकज सतीजा ने अधिशासी अभियंता हरिद्वार को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया। उनका आरोप है कि अमृत योजना के तहत बिछाई गई लाइन के पाइपों की गुणवत्ता ठीक नहीं है।
एक साल में ही यह चार बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जब इसे ठीक किया गया तो पता चला कि पाइपों में छेद हैं। इससे पानी की बर्बादी होने के साथ ही एक साल में ही ठीक करने की नौबत आ रही है, जिससे कई जगह गड्ढे हो गए हैं। जल संस्थान रुड़की के सहायक अभियंता अरुण कुमार सोनी ने बताया कि पहले भी उस लाइन को ठीक किया जा चुका है। मामले की जानकारी ली जाएगी।
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जल संस्थान की ओर से पिछले साल रामनगर में राइजनिंग लाइन बिछाई थी। लाइन बिछने से लोगों को उम्मीद थी कि अब लंबे समय तक पानी लीकेज की समस्या सामने नहीं आएगी, लेकिन एक साल में ही राइजनिंग लाइन में जगह-जगह छेद हो गए हैं। शिकायत पर कर्मचारी एक जगह लीकेज ठीक करते हैं तो अगले दिन दूसरी लीकेज हो जाती है। इससे जहां पानी की बर्बादी हो रही है तो वहीं दूसरी ओर सड़क पर भी जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। पार्षद पंकज सतीजा ने अधिशासी अभियंता हरिद्वार को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया। उनका आरोप है कि अमृत योजना के तहत बिछाई गई लाइन के पाइपों की गुणवत्ता ठीक नहीं है।
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एक साल में ही यह चार बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जब इसे ठीक किया गया तो पता चला कि पाइपों में छेद हैं। इससे पानी की बर्बादी होने के साथ ही एक साल में ही ठीक करने की नौबत आ रही है, जिससे कई जगह गड्ढे हो गए हैं। जल संस्थान रुड़की के सहायक अभियंता अरुण कुमार सोनी ने बताया कि पहले भी उस लाइन को ठीक किया जा चुका है। मामले की जानकारी ली जाएगी।
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