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हुजूर आते आते बहुत देर कर दी ....
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मंगलौर में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह और पूर्व सीएम हरीश रावत का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम था, लेकिन जब तक नेता प्रतिपक्ष मंच पर रहे, कार्यकर्ता पूर्व सीएम का इंतजार करते रहे। कार्यक्रम के लगभग समाप्ति और प्रीतम सिंह के जाने के बाद हरीश रावत पहुंचे। इसे लेकर चर्चाओं का बाजार और गरम हो गया।
बुधवार को ट्वीट बम के बाद पूर्व सीएम हरीश रावत की कांग्रेस संगठन के नेताओं के साथ चल रही खींचतान जगजाहिर हो चुकी है, लेकिन बृहस्पतिवार को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मंगलौर में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के दो दिग्गज नेताओं का एक-दूसरे की अनुपस्थिति में पहुंचना इन चर्चाओं को और हवा दे गया। कार्यक्रम में पहुंचने को लेकर नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह और पूर्व सीएम हरीश रावत की ओर से सोशल मीडिया पर सूचनाएं जारी की गई थीं। हालांकि, समय निर्धारित नहीं था। कार्यक्रम सुबह 11 से शाम छह बजे तक चलना था। माना जा रहा था कि नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम एक साथ कार्यक्रम में शिरकत करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नेता प्रतिपक्ष के कार्यक्रम से जाने के करीब डेढ़ घंटे बाद देर शाम पूर्व सीएम हरीश रावत मंगलौर पहुंचे। उन्होंने चौधरी चरण की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और ज्यादा देर रुके बिना लौट गए। ऐसे में लोगों के बीच चर्चाओं का बाजार गरम हो गया कि रावत का यूं देर से आना इत्तफाक है या फिर वह जानबूझकर देरी से पहुंचे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, मंच साझा नहीं करने का एक कारण अंदरूनी खटास भी हो सकता है।
जनता अपने प्रिय नेता को जल्दी रिटायर नहीं होने देगी : प्रीतम
पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ट्वीट पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता में बैठे लोगों को मगरमच्छ बताया है। पार्टी से उनकी कोई नाराजगी नहीं है। उनका हमला सत्ता पक्ष पर था।
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उन्होंने कहा कि हरीश रावत कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेता है। परिवार में कई बार नाराजगी हो जाती है, लेकिन वह कांग्रेस पार्टी का हिस्सा थे, हैं और रहेंगे। हाईकमान ने सभी नेताओं को दिल्ली बुलाया है, जहां सभी नेताओं से उनकी राय ली जाएगी। यदि किसी को कोई नाराजगी है तो वह पार्टी फोरम में ही अपनी बात रखे। हरीश रावत के राजनीति से संन्यास लेने की बात पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वह उनका अधिकार है, लेकिन प्रदेश की जनता अपने प्रिय नेता को जल्दी रिटायर नहीं होने देगी। कांग्रेस में किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं है। आने वाले समय में पार्टी एकजुटता से विधानसभा चुनाव लड़ेगी और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। संवाद
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बुधवार को ट्वीट बम के बाद पूर्व सीएम हरीश रावत की कांग्रेस संगठन के नेताओं के साथ चल रही खींचतान जगजाहिर हो चुकी है, लेकिन बृहस्पतिवार को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मंगलौर में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के दो दिग्गज नेताओं का एक-दूसरे की अनुपस्थिति में पहुंचना इन चर्चाओं को और हवा दे गया। कार्यक्रम में पहुंचने को लेकर नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह और पूर्व सीएम हरीश रावत की ओर से सोशल मीडिया पर सूचनाएं जारी की गई थीं। हालांकि, समय निर्धारित नहीं था। कार्यक्रम सुबह 11 से शाम छह बजे तक चलना था। माना जा रहा था कि नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम एक साथ कार्यक्रम में शिरकत करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नेता प्रतिपक्ष के कार्यक्रम से जाने के करीब डेढ़ घंटे बाद देर शाम पूर्व सीएम हरीश रावत मंगलौर पहुंचे। उन्होंने चौधरी चरण की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और ज्यादा देर रुके बिना लौट गए। ऐसे में लोगों के बीच चर्चाओं का बाजार गरम हो गया कि रावत का यूं देर से आना इत्तफाक है या फिर वह जानबूझकर देरी से पहुंचे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, मंच साझा नहीं करने का एक कारण अंदरूनी खटास भी हो सकता है।
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जनता अपने प्रिय नेता को जल्दी रिटायर नहीं होने देगी : प्रीतम
पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ट्वीट पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता में बैठे लोगों को मगरमच्छ बताया है। पार्टी से उनकी कोई नाराजगी नहीं है। उनका हमला सत्ता पक्ष पर था।
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उन्होंने कहा कि हरीश रावत कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेता है। परिवार में कई बार नाराजगी हो जाती है, लेकिन वह कांग्रेस पार्टी का हिस्सा थे, हैं और रहेंगे। हाईकमान ने सभी नेताओं को दिल्ली बुलाया है, जहां सभी नेताओं से उनकी राय ली जाएगी। यदि किसी को कोई नाराजगी है तो वह पार्टी फोरम में ही अपनी बात रखे। हरीश रावत के राजनीति से संन्यास लेने की बात पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वह उनका अधिकार है, लेकिन प्रदेश की जनता अपने प्रिय नेता को जल्दी रिटायर नहीं होने देगी। कांग्रेस में किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं है। आने वाले समय में पार्टी एकजुटता से विधानसभा चुनाव लड़ेगी और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। संवाद