{"_id":"6aca3cb96bc8fe5aa70aadd0","slug":"no-bail-for-the-accused-in-the-case-of-a-life-threatening-attack-roorkee-news-c-5-1-drn1027-1086893-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: जानलेवा हमले के मामले में आरोपी को जमानत नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: जानलेवा हमले के मामले में आरोपी को जमानत नहीं
विज्ञापन
नगला खिताब गांव में युवक के घर पर फायरिंग करने के मामले में आरोपी को न्यायालय से जमानत नहीं मिल सकी। अपर सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने आरोपी की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने बताया कि वादी गौरव निवासी ग्राम नगला खुर्द की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया गया था कि उनके परिचित एक युवक को ब्लैकमेल कर पैसों की मांग की जा रही थी। उन्होंने आरोपियों को इससे रोकने का प्रयास किया था। इससे नाराज आरोपियों ने 10 मार्च की रात को उनके घर पर तमंचों से फायरिंग कर दी थी।
आरोपियों ने घर में घुसकर गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी भी की थी। मामले में आरोपी कार्तिक की ओर से न्यायालय में दाखिल किए गए प्रार्थनापत्र में बताया गया कि उस पर लगे आरोप निराधार है। उसे मामले में झूठा फंसाया गया। आरोपी की ओर से जमानत का अनुरोध किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने आरोपों को गंभीर बताते हुए जमानत का विरोध किया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं। बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने बताया कि वादी गौरव निवासी ग्राम नगला खुर्द की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया गया था कि उनके परिचित एक युवक को ब्लैकमेल कर पैसों की मांग की जा रही थी। उन्होंने आरोपियों को इससे रोकने का प्रयास किया था। इससे नाराज आरोपियों ने 10 मार्च की रात को उनके घर पर तमंचों से फायरिंग कर दी थी।
विज्ञापन
आरोपियों ने घर में घुसकर गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी भी की थी। मामले में आरोपी कार्तिक की ओर से न्यायालय में दाखिल किए गए प्रार्थनापत्र में बताया गया कि उस पर लगे आरोप निराधार है। उसे मामले में झूठा फंसाया गया। आरोपी की ओर से जमानत का अनुरोध किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने आरोपों को गंभीर बताते हुए जमानत का विरोध किया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं। बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
विज्ञापन