{"_id":"6a01e067623c30f62f00137f","slug":"experts-share-views-on-research-innovation-and-sustainable-development-roorkee-news-c-37-1-sdrn1033-154992-2026-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: शोध, नवाचार और सतत विकास पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: शोध, नवाचार और सतत विकास पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
Mon, 11 May 2026 07:27 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Mon, 11 May 2026 07:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मदरहुड विश्वविद्यालय में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन
रुड़की। मदरहुड विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ कॉमर्स एंड बिजनेस स्टडीज और सूरजमल विश्वविद्यालय, किच्छा के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के अकादमिक सहयोग से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सोमवार को समापन हुआ। रचनात्मकता, नवाचार और अनुसंधान जगत में प्रगति: सतत सृजन के लिए विचारों का जुड़ाव। विषयक सम्मेलन का उद्देश्य प्रबंधन, वाणिज्य, नवाचार और सतत विकास जैसे विषयों पर शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच वैश्विक स्तर पर संवाद स्थापित करना रहा। दूसरे दिन आयोजित तीन समानांतर तकनीकी सत्रों में देश-विदेश से आए प्रतिभागियों ने कुल 82 शोध पत्र प्रस्तुत किए। इन शोध पत्रों में डिजिटल व्यवसाय, सतत वित्त, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सामाजिक उद्यमिता और आधुनिक शोध प्रवृत्तियों पर गहन चर्चा हुई। समापन सत्र के मुख्य अतिथि प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, इंदौर के कुलपति प्रो. एसएस भाकर ने कहा कि शोध और नवाचार समाज व राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने युवाओं से रचनात्मक सोच और गुणवत्तापूर्ण शोध के माध्यम से चुनौतियों का समाधान खोजने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि प्रो. डॉ. अनिल रायपुरिया और मलेशिया से जुड़े डॉ. नरेंथरन कालीअप्पन ने अंतर्राष्ट्रीय शोध सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
विज्ञापन
रुड़की। मदरहुड विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ कॉमर्स एंड बिजनेस स्टडीज और सूरजमल विश्वविद्यालय, किच्छा के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के अकादमिक सहयोग से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सोमवार को समापन हुआ। रचनात्मकता, नवाचार और अनुसंधान जगत में प्रगति: सतत सृजन के लिए विचारों का जुड़ाव। विषयक सम्मेलन का उद्देश्य प्रबंधन, वाणिज्य, नवाचार और सतत विकास जैसे विषयों पर शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच वैश्विक स्तर पर संवाद स्थापित करना रहा। दूसरे दिन आयोजित तीन समानांतर तकनीकी सत्रों में देश-विदेश से आए प्रतिभागियों ने कुल 82 शोध पत्र प्रस्तुत किए। इन शोध पत्रों में डिजिटल व्यवसाय, सतत वित्त, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सामाजिक उद्यमिता और आधुनिक शोध प्रवृत्तियों पर गहन चर्चा हुई। समापन सत्र के मुख्य अतिथि प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, इंदौर के कुलपति प्रो. एसएस भाकर ने कहा कि शोध और नवाचार समाज व राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने युवाओं से रचनात्मक सोच और गुणवत्तापूर्ण शोध के माध्यम से चुनौतियों का समाधान खोजने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि प्रो. डॉ. अनिल रायपुरिया और मलेशिया से जुड़े डॉ. नरेंथरन कालीअप्पन ने अंतर्राष्ट्रीय शोध सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।