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Roorkee News: बाजारों में रेल के डिब्बों की तरह घुसे ई-रिक्शा, दो घंटे जाम से जूझते रहे लोग
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शहर की यातायात व्यवस्था बेपटरी हो रही है। मंगलवार को बाजारों में सुबह करीब 11 बजे एक के बाद एक लाइन से ई-रिक्शा घुस गए जिससे जाम लग गया। वहीं कुछ चौपहिया वाहनों के आने से स्थिति और भी खराब हो गई। हालत यह हो गई कि दोपहिया वाहन तो दूर पैदल चलने वालों को भी रास्ता नहीं मिला। दो घंटे तक लोग जाम से जूझते रहे।
त्योहारी खरीदारी के लिए शहर और देहात से बड़ी संख्या में लोग बाजारों में पहुंच रहे हैं। नगर निगम चौक पर पुलिसकर्मी मौजूद नहीं होने से वाहन चालकों में पहले निकलने की होड़ लग गई। मेन बाजार, बीटी गंज बाजार, नगर निगम पुल और चंद्रशेखर चौक पर वाहन फंसे रहे। करीब दो घंटे तक लोग जाम के झाम से जूझते रहे। प्रमुख चौराहों पर पुलिसकर्मियों की कमी और ई-रिक्शा की अनियंत्रित आवाजाही से समस्या और बढ़ गई। वाहन चालक हॉर्न बजाते हुए आगे निकलने की कोशिश करते रहे लेकिन रास्ता नहीं मिल सका। इससे पैदल राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों, बुजुर्गों और बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ी। त्योहारी सीजन में जाम से निजात दिलाने के लिए प्रमुख चौराहों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाने और ई-रिक्शा के लिए निर्धारित रूट प्लान लागू करने की जरूरत है।
ई-रिक्शा के लिए लागू नहीं हुआ रूट प्लान
शहर में करीब छह हजार ई-रिक्शा संचालित होने का अनुमान है। इनके लिए रूट प्लान लागू नहीं होने से ई-रिक्शा चालक बिना रोकटोक प्रमुख बाजारों में प्रवेश कर रहे हैं। करीब एक साल से इसकी योजना कागजों में ही तैयार हो रही है। वहीं ई-रिक्शा के सत्यापन की प्रक्रिया भी धीमी चल रही है। सूत्रों के अनुसार किराये पर ई-रिक्शा देने के चलन ने इसे कारोबार का रूप दे दिया है। इससे शहर में ई-रिक्शा की भरमार हो गई है।
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त्योहारी खरीदारी के लिए शहर और देहात से बड़ी संख्या में लोग बाजारों में पहुंच रहे हैं। नगर निगम चौक पर पुलिसकर्मी मौजूद नहीं होने से वाहन चालकों में पहले निकलने की होड़ लग गई। मेन बाजार, बीटी गंज बाजार, नगर निगम पुल और चंद्रशेखर चौक पर वाहन फंसे रहे। करीब दो घंटे तक लोग जाम के झाम से जूझते रहे। प्रमुख चौराहों पर पुलिसकर्मियों की कमी और ई-रिक्शा की अनियंत्रित आवाजाही से समस्या और बढ़ गई। वाहन चालक हॉर्न बजाते हुए आगे निकलने की कोशिश करते रहे लेकिन रास्ता नहीं मिल सका। इससे पैदल राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों, बुजुर्गों और बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ी। त्योहारी सीजन में जाम से निजात दिलाने के लिए प्रमुख चौराहों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाने और ई-रिक्शा के लिए निर्धारित रूट प्लान लागू करने की जरूरत है।
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ई-रिक्शा के लिए लागू नहीं हुआ रूट प्लान
शहर में करीब छह हजार ई-रिक्शा संचालित होने का अनुमान है। इनके लिए रूट प्लान लागू नहीं होने से ई-रिक्शा चालक बिना रोकटोक प्रमुख बाजारों में प्रवेश कर रहे हैं। करीब एक साल से इसकी योजना कागजों में ही तैयार हो रही है। वहीं ई-रिक्शा के सत्यापन की प्रक्रिया भी धीमी चल रही है। सूत्रों के अनुसार किराये पर ई-रिक्शा देने के चलन ने इसे कारोबार का रूप दे दिया है। इससे शहर में ई-रिक्शा की भरमार हो गई है।
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