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Roorkee News: नाश्ता बनाते समय सिलिंडर में लगी आग, पिता-पुत्री झुलसे
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सुबह नाश्ता बनाते समय गैस सिलिंडर में अचानक आग लगने से पिता और उनकी चार वर्षीय बेटी गंभीर रूप से झुलस गए। कुछ ही सेकेंड में आग ने विकराल रूप ले लिया और कमरे में रखा घरेलू सामान जलकर राख हो गया।
सूचना पर पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घायलों को अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल दोनों एक परिचित के घर पर देखभाल में हैं।
अग्निशमन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सीताराम क्षेत्र की एक फैक्टरी में श्रमिक हैं। उनकी पत्नी भी फैक्टरी में काम करती है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे सीताराम अपने कमरे में गैस चूल्हे पर चाय बना रहे थे। इसी दौरान गैस रिसाव के कारण सिलिंडर ने आग पकड़ ली। पास में बैठी उनकी चार वर्षीय बेटी दीक्षा भी आग की चपेट में आ गई।
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हादसे में पिता-पुत्री झुलस गए। आग लगने के बाद कमरे से धुआं और लपटें उठने लगीं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे लेकिन आग की भयावहता के कारण कोई कमरे के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
सूचना पर पुलिस और अग्निशमन कर्मियों ने पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया। टीम ने सावधानीपूर्वक आग पर काबू पाया और उसे दूसरे कमरों तक फैलने से रोक लिया। गनीमत रही कि आग आसपास के कमरों तक नहीं पहुंची। हादसे के बाद किराये के आवासीय परिसरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि परिसर में अग्निशमन उपकरण उपलब्ध होते तो शुरुआती स्तर पर आग बुझाने में मदद मिल सकती थी। सर्किल ऑफिसर भगवानपुर सुमित पांडे का कहना है कि गैस रिसाव के कारण आग लगी थी। हादसे में पिता-पुत्री घायल हुए हैं जिनका उपचार कराया गया। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।
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सूचना पर पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घायलों को अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल दोनों एक परिचित के घर पर देखभाल में हैं।
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अग्निशमन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सीताराम क्षेत्र की एक फैक्टरी में श्रमिक हैं। उनकी पत्नी भी फैक्टरी में काम करती है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे सीताराम अपने कमरे में गैस चूल्हे पर चाय बना रहे थे। इसी दौरान गैस रिसाव के कारण सिलिंडर ने आग पकड़ ली। पास में बैठी उनकी चार वर्षीय बेटी दीक्षा भी आग की चपेट में आ गई।
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हादसे में पिता-पुत्री झुलस गए। आग लगने के बाद कमरे से धुआं और लपटें उठने लगीं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे लेकिन आग की भयावहता के कारण कोई कमरे के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
सूचना पर पुलिस और अग्निशमन कर्मियों ने पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया। टीम ने सावधानीपूर्वक आग पर काबू पाया और उसे दूसरे कमरों तक फैलने से रोक लिया। गनीमत रही कि आग आसपास के कमरों तक नहीं पहुंची। हादसे के बाद किराये के आवासीय परिसरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि परिसर में अग्निशमन उपकरण उपलब्ध होते तो शुरुआती स्तर पर आग बुझाने में मदद मिल सकती थी। सर्किल ऑफिसर भगवानपुर सुमित पांडे का कहना है कि गैस रिसाव के कारण आग लगी थी। हादसे में पिता-पुत्री घायल हुए हैं जिनका उपचार कराया गया। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।