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भाई का शव देखने के लिए घंटों राह निहारती रही बहन
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
बिंडुखड़क गांव के चौराहे पर महिलाएं की भीड़ में एक बहन भी खड़ी थी, जिसकी आंखों में आंसुओं का सैलाब था तो आखिरी बार अपने मृतक भाई को देखने का इंतजार भी। सुबह से ही वह भाई के शव का इंतजार कर रही थी। दोपहर बाद शव जैसे ही गांव के बाहर पहुंचा तो कोहराम मच गया। बहन को रो-रोकर बुरा हाल था। बार-बार मृतक की बहन के मुंह से एक ही शब्द निकल रहा था कि मेरा भाई अब कभी वापस नहीं आएगा।
बिंडुखड़क में जहरीली शराब के पीने से सुशील (38) पुत्र हरचंद की रविवार को अस्पताल में मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही परिजनों और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया। सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इस बीच घर पर रिश्तेदारों का तांता लगना शुरू हो गया। इन सबसे अलग मृतक की चचेरी बहन गांव के बाहर चौराहे पर रोते-बिलखते अपने भाई के शव का इंतजार करती रही। घंटों बाद दो बजे शव गांव के बाहर पहुंचा तो बहन प्रमिला का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। महिला अपने भाई के शव के साथ रोते बिलखते घर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। पति के शव को देख पत्नी रोते-रोते बेहोश हो गई। परिवार के सदस्य और रिश्तेदार बार-बार संभालते रहे। इस बीच भाई के शव को देख बहन भी बार-बार उस दिन कोसते नहीं थक रही थी, जिस दिन जहरीली शराब ने कहर बरपाया था। उसके मुंह से बार-बार यही शब्द निकल रहे थे कि जहरीली शराब ने मेरे भाई को मुझसे छीन लिया। इस सबसे अनजान बच्चे भी अपनों को रोता देख बिलखने लगे।
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बिंडुखड़क गांव के चौराहे पर महिलाएं की भीड़ में एक बहन भी खड़ी थी, जिसकी आंखों में आंसुओं का सैलाब था तो आखिरी बार अपने मृतक भाई को देखने का इंतजार भी। सुबह से ही वह भाई के शव का इंतजार कर रही थी। दोपहर बाद शव जैसे ही गांव के बाहर पहुंचा तो कोहराम मच गया। बहन को रो-रोकर बुरा हाल था। बार-बार मृतक की बहन के मुंह से एक ही शब्द निकल रहा था कि मेरा भाई अब कभी वापस नहीं आएगा।
बिंडुखड़क में जहरीली शराब के पीने से सुशील (38) पुत्र हरचंद की रविवार को अस्पताल में मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही परिजनों और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया। सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इस बीच घर पर रिश्तेदारों का तांता लगना शुरू हो गया। इन सबसे अलग मृतक की चचेरी बहन गांव के बाहर चौराहे पर रोते-बिलखते अपने भाई के शव का इंतजार करती रही। घंटों बाद दो बजे शव गांव के बाहर पहुंचा तो बहन प्रमिला का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। महिला अपने भाई के शव के साथ रोते बिलखते घर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। पति के शव को देख पत्नी रोते-रोते बेहोश हो गई। परिवार के सदस्य और रिश्तेदार बार-बार संभालते रहे। इस बीच भाई के शव को देख बहन भी बार-बार उस दिन कोसते नहीं थक रही थी, जिस दिन जहरीली शराब ने कहर बरपाया था। उसके मुंह से बार-बार यही शब्द निकल रहे थे कि जहरीली शराब ने मेरे भाई को मुझसे छीन लिया। इस सबसे अनजान बच्चे भी अपनों को रोता देख बिलखने लगे।
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