{"_id":"5c606ad0bdec2211ac1af1a6","slug":"11549822672-roorkee-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उच्चाधिकारियों के खिलाफ भी होगी कार्रवाई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
उच्चाधिकारियों के खिलाफ भी होगी कार्रवाई
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
जहरीली शराब से दर्जनों लोगों की मौत से किरकिरी झेलने के बाद हरकत में आई प्रदेश सरकार ने अब उच्चाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने कहा है कि घटना के बाद आठ उच्चाधिकारियों को नोटिस जारी कर उनसे तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बीते शुक्रवार से भगवानपुर तहसील के गांवों में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का आंकड़ा 34 पहुंच गया है। वैसे तो शासन की ओर से शुक्रवार को रुड़की सर्किल और जिले के प्रवर्तन कार्य से जुड़े 13 निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया था, लेकिन प्रदेश और जिलास्तर के बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इसे लेकर विरोधी पार्टियों की ओर से लगातार सरकार पर निशाना साधा जा रहा है। साथ ही स्थानीय स्तर पर भी लोग विरोध जता रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी मौतों के बाद बड़े अधिकारियों पर गाज क्यों नहीं गिरी? इसी के मद्देनजर बीते शनिवार को सरकार हरकत में आई। आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने देहरादून में समीक्षा बैठक करने के बाद प्रवर्तन कार्यों से जुड़े प्रदेश और जिले के अधिकारियों को जवाबी नोटिस जारी किए हैं। माना जा रहा है कि नोटिस जारी होने के बाद कई आला अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। वहीं, आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने भी इसके संकेत दिए हैं। रविवार को अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों के खिलाफ प्रक्रिया के अनुरूप सीधे कार्रवाई नहीं की जा सकती। लिहाजा आठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब देने को कहा गया है। जिस अधिकारी के स्तर से लापरवाही पाई जाएगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जहरीली शराब से दर्जनों लोगों की मौत से किरकिरी झेलने के बाद हरकत में आई प्रदेश सरकार ने अब उच्चाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने कहा है कि घटना के बाद आठ उच्चाधिकारियों को नोटिस जारी कर उनसे तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बीते शुक्रवार से भगवानपुर तहसील के गांवों में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का आंकड़ा 34 पहुंच गया है। वैसे तो शासन की ओर से शुक्रवार को रुड़की सर्किल और जिले के प्रवर्तन कार्य से जुड़े 13 निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया था, लेकिन प्रदेश और जिलास्तर के बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इसे लेकर विरोधी पार्टियों की ओर से लगातार सरकार पर निशाना साधा जा रहा है। साथ ही स्थानीय स्तर पर भी लोग विरोध जता रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी मौतों के बाद बड़े अधिकारियों पर गाज क्यों नहीं गिरी? इसी के मद्देनजर बीते शनिवार को सरकार हरकत में आई। आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने देहरादून में समीक्षा बैठक करने के बाद प्रवर्तन कार्यों से जुड़े प्रदेश और जिले के अधिकारियों को जवाबी नोटिस जारी किए हैं। माना जा रहा है कि नोटिस जारी होने के बाद कई आला अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। वहीं, आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने भी इसके संकेत दिए हैं। रविवार को अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों के खिलाफ प्रक्रिया के अनुरूप सीधे कार्रवाई नहीं की जा सकती। लिहाजा आठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब देने को कहा गया है। जिस अधिकारी के स्तर से लापरवाही पाई जाएगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन