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Roorkee News: बरातघर निर्माण मामले में पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को कोर्ट ने किया खारिज

Thu, 18 Jun 2026 11:34 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jun 2026 11:34 PM IST
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Court rejects police's final report in wedding hall construction case
न्यायिक मजिस्ट्रेट/प्रथम अपर सिविल जज रुड़की विनीत कुमार श्रीवास्तव ने भगवानपुर क्षेत्र में पुराने बरातघर को तोड़े जाने और सरकारी योजना के तहत नए बरातघर के निर्माण में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में पुलिस द्वारा दाखिल अंतिम रिपोर्ट (एफआर) को खारिज कर दिया है। अदालत ने मामले की अग्रेतर विवेचना कराने के आदेश दिए हैं।
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मामला वर्ष 2021 में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायतकर्ता योगेश ने आरोप लगाया था कि अनुसूचित जाति समुदाय के लिए बनाए गए पुराने बरातघर को अवैध रूप से तोड़ दिया गया और सरकारी योजना के तहत स्वीकृत नए बरातघर के निर्माण में धन के दुरुपयोग व धोखाधड़ी का प्रयास किया गया। आरोपों में ठेकेदार तीर्थपाल का नाम भी सामने आया था। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत आपत्ति में शिकायतकर्ता ने कहा कि प्रारंभिक विवेचना में पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति नुकसान समेत विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र तैयार किया था लेकिन बाद में उसे न्यायालय में प्रस्तुत किए बिना निरस्त कर पुनः विवेचना कराई गई और अंततः अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई।
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अदालत ने केस डायरी और विवेचना अभिलेखों का अवलोकन किया। न्यायालय ने पाया कि कई गवाहों ने अपने बयानों में ठेकेदार को बरातघर तुड़वाने से जोड़ा है। वहीं विकास विभाग से प्राप्त पत्राचार में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान होने और 26 व्यक्तियों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई किए जाने का उल्लेख भी मिला। हालांकि विवेचना में उन व्यक्तियों का पूरा विवरण दर्ज नहीं किया गया और न ही यह स्पष्ट किया गया कि उनके विरुद्ध कोई अपराध क्यों नहीं बनता।
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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि विवेचना में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पर्याप्त जांच नहीं की गई है इसलिए अंतिम रिपोर्ट स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है। न्यायालय ने भगवानपुर थाना प्रभारी को निर्देश दिया है कि वह स्वयं या किसी सक्षम अधीनस्थ अधिकारी से मामले की अग्रेतर विवेचना कराएं और जांच पूरी होने के बाद नई पुलिस रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 जुलाई 2026 की तिथि नियत की गई है।
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