{"_id":"57e6be864f1c1b3076a833eb","slug":"commotion-at-the-hospital-against-prescribing-outside-medicine","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाहरी दवा लिखने पर अस्पताल में हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाहरी दवा लिखने पर अस्पताल में हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Sat, 24 Sep 2016 11:27 PM IST
विज्ञापन
बाहरी दवाएं लिखने का विरोध करते लोग
- फोटो : amarujala
रुड़की। बाहर से दवाएं लिखने और परचे के अधिक पैसे लेने के मामले में पूर्व सांसद और अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष हरपाल साथी ने शनिवार को सिविल अस्पताल में हंगामा कर दिया। साथ ही कार्यवाहक सीएमएस को हटाने की मांग के लिए धरने पर बैठ गए। मामले तूल पकड़ता देख स्वास्थ्यकर्मियों ने भी आंदोलन की चेतावनी दी।
शनिवार सुबह करीब दस बजे अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष हरपाल साथी का कोई कर्मी सिविल अस्पताल में उपचार करवाने पहुंचा। आरोप है स्वास्थ्य कर्मी ने उससे परचे के 17 रुपये की जगह खुले पैसे न होने पर 20 रुपये ले लिए। उसके बाद डाक्टरों ने परचे पर बाहर से भी दवा लिख दी। कर्मी ने इसकी सूचना हरपाल साथी को दी तो वह अस्पताल पहुंचे और हंगामा कर दिया। कार्यवाहक सीएमएस पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए खरी खोटी सुनाई। साथ ही उन्हें हटाने की मांग करते हुए कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। हरपाल साथी की ओर से हंगामे और अभद्रता की सूचना पर स्वास्थ्य कर्मी एकत्रित हुए और आंदोलन की चेतावनी दी। उसके बाद मुख्यमंत्री को मामले से अवगत कराने की बात कहते हुए हरपाल मौके से चलते बने। इस संबंध में कार्यवाहक सीएमएस डा. संजय कंसल का कहना है कि पूर्व सांसद हरपाल साथी को कोई परेशानी थी तो कार्यालय में आकर बतानी चाहिए थी। उनकी समस्याओं का समाधान किया जाता।
नहीं सुलझा ज्वाइनिंग का पेच
सिविल अस्पताल में डा. राजकुमार की ज्वाइनिंग का पेच अब तक भी नहीं सुलझा। अस्पताल प्रबंधन की ओर से उन्हें नैनीताल के पूर्व तैनाती वाले अस्पताल से रिलीविंग आर्डर लाने के लिए कहा गया है, जबकि उन्होंने नैनीताल में ज्वाइनिंग ही नहीं दी थी। ऐसे में वहां से भी प्रबंधन ने रिलीविंग आर्डर देने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार सुबह करीब दस बजे अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष हरपाल साथी का कोई कर्मी सिविल अस्पताल में उपचार करवाने पहुंचा। आरोप है स्वास्थ्य कर्मी ने उससे परचे के 17 रुपये की जगह खुले पैसे न होने पर 20 रुपये ले लिए। उसके बाद डाक्टरों ने परचे पर बाहर से भी दवा लिख दी। कर्मी ने इसकी सूचना हरपाल साथी को दी तो वह अस्पताल पहुंचे और हंगामा कर दिया। कार्यवाहक सीएमएस पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए खरी खोटी सुनाई। साथ ही उन्हें हटाने की मांग करते हुए कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। हरपाल साथी की ओर से हंगामे और अभद्रता की सूचना पर स्वास्थ्य कर्मी एकत्रित हुए और आंदोलन की चेतावनी दी। उसके बाद मुख्यमंत्री को मामले से अवगत कराने की बात कहते हुए हरपाल मौके से चलते बने। इस संबंध में कार्यवाहक सीएमएस डा. संजय कंसल का कहना है कि पूर्व सांसद हरपाल साथी को कोई परेशानी थी तो कार्यालय में आकर बतानी चाहिए थी। उनकी समस्याओं का समाधान किया जाता।
विज्ञापन
नहीं सुलझा ज्वाइनिंग का पेच
सिविल अस्पताल में डा. राजकुमार की ज्वाइनिंग का पेच अब तक भी नहीं सुलझा। अस्पताल प्रबंधन की ओर से उन्हें नैनीताल के पूर्व तैनाती वाले अस्पताल से रिलीविंग आर्डर लाने के लिए कहा गया है, जबकि उन्होंने नैनीताल में ज्वाइनिंग ही नहीं दी थी। ऐसे में वहां से भी प्रबंधन ने रिलीविंग आर्डर देने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन