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Roorkee News: सोलानी नदी के कटाव से कृषि भूमि बही
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कुआंखेड़ा गांव में सोलानी नदी से लगातार हो रहे कटाव से कृषि भूमि बहने के साथ फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। समस्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार को एकत्र होकर सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने विभाग की कथित लापरवाही के विरोध में नारेबाजी करते हुए नदी के तटबंध और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की।
किसानों का कहना है कि सोलानी नदी का पानी लगातार खेतों की ओर फैल रहा है। जलभराव के कारण गन्ने, धान समेत कई फसलें खराब हो चुकी हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यदि जल्द पानी की निकासी और तटबंध को मजबूत करने की व्यवस्था नहीं की गई तो नुकसान और बढ़ सकता है।
किसानों ने आरोप लगाया कि समस्या की जानकारी अधिकारियों को पहले भी दी जा चुकी है लेकिन समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि खेती उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। फसल बर्बाद होने से परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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ग्रामीणों ने नदी की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराने, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में प्रशांत पुंडीर, निशांत पुंडीर, अमित पुंडीर, तिरपाल चौधरी, रितिक चौधरी, ओमपाल सिंह, तेलूराम, वेदपाल, अरविंद कश्यप, बिट्टू कश्यप शामिल थे।
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किसानों का कहना है कि सोलानी नदी का पानी लगातार खेतों की ओर फैल रहा है। जलभराव के कारण गन्ने, धान समेत कई फसलें खराब हो चुकी हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यदि जल्द पानी की निकासी और तटबंध को मजबूत करने की व्यवस्था नहीं की गई तो नुकसान और बढ़ सकता है।
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किसानों ने आरोप लगाया कि समस्या की जानकारी अधिकारियों को पहले भी दी जा चुकी है लेकिन समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि खेती उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। फसल बर्बाद होने से परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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ग्रामीणों ने नदी की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराने, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में प्रशांत पुंडीर, निशांत पुंडीर, अमित पुंडीर, तिरपाल चौधरी, रितिक चौधरी, ओमपाल सिंह, तेलूराम, वेदपाल, अरविंद कश्यप, बिट्टू कश्यप शामिल थे।