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Rishikesh News: घाटों की मरम्मत के लिए बजट का इंतजार
Sat, 17 Jan 2026 02:24 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sat, 17 Jan 2026 02:24 AM IST
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नगर पालिका मुनि की रेती ढालवाला और नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक अंतर्गत बदहाल घाटों का कायाकल्प कुंभ मेला बजट से होगा। सिंचाई विभाग की ओर से करीब12 बदहाल घाटों के मरम्मीतकरण और सौंदर्यीकरण के लिए कुंभ मेले में इसका प्रस्ताव भेजा गया है। बजट स्वीकृत होने के बाद घाटों का निर्माण कार्य शुरू होगा।
नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक अंतर्गत वेद निकेतन, वानप्रस्थ, भारत साधु समाज, गीताभवन नंबर तीन, गीताभवन नंबर एक, लक्ष्मीनारायण, नावघाट, गंगा चौक, सीता घाट, भागीरथी, संत सेवा, किरमोला, बॉबे घाट और नगर पालिका मुनि की रेती ढालवाला अंतर्गत पूर्णानंद घाट, शत्रुघ्न घाट, हनुमान घाट, दर्शन महाविद्यालय घाट जीर्णशीर्ण और बदहाल हैं।
घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। घाटों से लोहे की जंजीरें गायब हैं। महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम नहीं हैं। घाटों पर प्रकाश की पर्याप्त मात्रा में सुविधा नहीं है। घाटों पर लगी टाइल्स जगह-जगह से उखड़ी हुई है।
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कुंभ मेले में हजारों की संख्या में देशी, विदेशी पर्यटक इन घाटों पर स्नान करने के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा दृष्टिगत विभागीय अधिकारियों ने कुंभ मेले में इसका प्रस्ताव भेजा है।
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कोट
बदहाल घाटों के निर्माण के लिए कुंभ मेले में प्रस्ताव भेजा गया है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद ही घाटों का निर्माण कार्य शुरू होगा। - चतर सिंह चौहान, एसडीएम यमकेश्वर
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नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक अंतर्गत वेद निकेतन, वानप्रस्थ, भारत साधु समाज, गीताभवन नंबर तीन, गीताभवन नंबर एक, लक्ष्मीनारायण, नावघाट, गंगा चौक, सीता घाट, भागीरथी, संत सेवा, किरमोला, बॉबे घाट और नगर पालिका मुनि की रेती ढालवाला अंतर्गत पूर्णानंद घाट, शत्रुघ्न घाट, हनुमान घाट, दर्शन महाविद्यालय घाट जीर्णशीर्ण और बदहाल हैं।
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घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। घाटों से लोहे की जंजीरें गायब हैं। महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम नहीं हैं। घाटों पर प्रकाश की पर्याप्त मात्रा में सुविधा नहीं है। घाटों पर लगी टाइल्स जगह-जगह से उखड़ी हुई है।
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कुंभ मेले में हजारों की संख्या में देशी, विदेशी पर्यटक इन घाटों पर स्नान करने के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा दृष्टिगत विभागीय अधिकारियों ने कुंभ मेले में इसका प्रस्ताव भेजा है।
कोट
बदहाल घाटों के निर्माण के लिए कुंभ मेले में प्रस्ताव भेजा गया है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद ही घाटों का निर्माण कार्य शुरू होगा। - चतर सिंह चौहान, एसडीएम यमकेश्वर