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विलेज टूरिज्म को दिया बढ़ावा

Sat, 19 Mar 2016 02:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश
ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश Updated Sat, 19 Mar 2016 02:07 AM IST
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village tourism in rishikesh
विलेज टू‌रिज्‍म - फोटो : amar ujala

राफ्टिंग व्यवसाय से जुड़े क्यार्की गांव निवासी देवेंद्र सिंह रावत ने तीर्थनगरी के समीपवर्ती इस गांव को पहचान दिलाने के लिए न सिर्फ टूरिज्म विलेज कांसेप्ट को विकसित करने की पहल की, बल्कि इससे वह गांव से युवाओं का पलायन रोकने में भी काफी हद तक सफल रहे हैं। काबिलेगौर है कि उन्होंने यह सब बिना किसी सरकारी मदद के निजी संसाधनों से किया है।

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अब इस गांव में देसी-विदेशी पर्यटक ठहरने के साथ ही आसपास के रमणीक स्थलों के अवलोकन, ट्रैकिंग, टेंपल टूर आदि के लिए आने लगे हैं। उनकी इस अनूठी ‘पहल’ से गांव के दूसरे लोग भी टूरिज्म विलेज कांसेप्ट को अपनाते हुए इको कैंप की योजना से जुड़कर स्वावलंबी बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
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अंतरराष्ट्रीय आवाजाही वाली तीर्थनगरी के एकदम करीब के क्यार्की गांव से लगातार हो रहे पलायन से व्यथित देवेंद्र सिंह रावत ने अपना रुख गांव की ओर किया और गांव को विलेज टूरिज्म के रूप में विकसित करने की बीते साल 2015-सितंबर महीने में इसकी पहल की। रावत ने बताया कि विलेज टूरिज्म के तौर पर उनके कैंप में 20 पर्यटकों के भोजन और विश्राम की व्यवस्था उपलब्ध है।
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वह इसके माध्यम से कैंप में आने वाले पर्यटकों को आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य, रमणीक स्थलों, पौराणिक मंदिरों के दर्शन के साथ ही ट्रैकिंग के जरिए पहाड़ के ग्रामीण परिवेश से रू-ब-रू कराने का प्रयास कर रहे हैं।


पर्यटकों को परोस रहे पहाड़ी पकवान
युवा व्यवसायी ने बताया कि वह कैंप में आने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों को पहाड़ के परिवेश, रहन-सहन, भाषा-संस्कृति की जानकारी तो देते ही हैं। उन्हें भोजन के तौर पर परोसी जाने वाली थाली में भी विशुद्ध पहाड़ी पकवान दिए जाते हैं। इनमें फाणू, अरबी की सब्जी, लोबिया के पकौड़े, झंगोरे की खीर, मंडवे की रोटी आदि व्यंजन शामिल हैं।

गांव के युवाओं को दिया रोजगार
ऋषिकेश। रावत बताते हैं किउन्होंने अपने कैंप में गांव के ही युवा बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया है। उनके यहां वाहन चालक, ट्रैकिंग और राफ्टिंग गाइड, कुक, ट्रेनिंग गाइड, सहायक आदि कार्यों के तौर पर रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया। यहां कार्यरत क्यार्की के चतर सिंह रावत, हरि सिंह रावत, धीरेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह व नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि उन्हें गांव में कैंप स्थापित होने के बाद रोजगार उपलब्ध हुआ है।

गंगाघाटी का विहंगम दृश्य करता है सैलानियों को आकर्षित  
 क्यार्की गांव से गंगा घाटी और खासकर रात के समय तीर्थनगरी का दृश्य सैलानियों को खासा आकर्षित करता है। इसके अलावा वह कैंप में ठहरने वाले पर्यटकों को नीर वाटरफाल, पार्वती गुफा, बागेश्वरी मंदिर, कुंजापुरी मंदिर के दर्शन और ट्रैकिंग कराते हैं ।  


दूसरे लोग भी हो रहे प्रेरित
 देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि विलेज टूरिज्म के तहत उनकी पहल से गांव के दूसरे लोग भी प्रेरित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण सत्ये सिंह रावत और मंगल सिंह रावत गांव में निजी भूमि पर कैंप लगाने की तैयारी कर रहे हैं।

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