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बिना नक्शे के निर्माणाधीन दो बहुमंजिला भवन सील
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आमबाग में बिना नक्शे के निर्माणाधीन बहुमंजिला भवन को सील करते एमडीडीए के अधिकारी।
- फोटो : RISHIKESH
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बिना नक्शे के निर्माणाधीन दो बहुमंजिला भवनों पर सील की कार्रवाई की है। सील की कार्रवाई के लिए एमडीडीए की ओर से चार अवैध भवनों की सूची तैयार की गई थी। जब तक कार्रवाई अमल में आती उससे पहले ही तीन निर्माणकर्ताओं ने कमिश्नर कोर्ट से स्टे आर्डर लाकर अफसरों को थमा दिया। ऋषिकेश का कार्यभार ग्रहण करने के बाद पहली बार कार्रवाई करने मैदान में उतरी एमडीडीए टीम को असफलताओं से दो चार होना पड़ा। सील की कार्रवाई के लिए एमडीडीए के अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा के नेतृत्व में टीम पहले कोतवाली पहुंची। यहां काफी देर तक पुलिस बल उपलब्ध करवाने को लेकर बातचीत चलती रही।
आईडीपीएल चौकी से करीब छह पुलिस कर्मियों को लेकर एमडीडीए टीम आमबाग पहुंची। यहां सौरभ गुप्ता और रमेश कुमार बत्रा की बहुमंजिला इमारतों को सील किया गया। ये बहुमंजिला भवन बिना नक्शा पारित करवाए ही तैयार किए जा रहे थे। सील की कार्रवाई भरत विहार और मुखर्जी मार्ग पर भी होनी थी। इनमें से भरत विहार स्थित मानव जौहर, सचिन चोपड़ा और जय प्रकाश ने अपने भवनों पर सील की कार्रवाई होने से पहले ही कमिश्नर कोर्ट से स्टे आर्डर हासिल कर लिया। इसके अलावा तिलक मार्ग स्थित रजत नारंग और चंद्र बत्रा ने अपनी इमारत सील से बचाने के लिए दस दिन की मोहलत ले ली है। अवैध निर्माताओं ने एमडीडीए में हलफनामा दाखिल किया है कि दस दिन में वे स्वयं अवैध निर्माण को ध्वस्त कर देंगे। तिलकमार्ग स्थित इस भवन में सेट बैक नहीं छोड़ा गया है। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार करण सिंह, असिस्टेंट इंजीनियर मनोज जोशी, जूनियर इंजीनियर संजीव अग्रवाल, सुपरवाइजर महावीर सिंह, धर्म सिंह, अजय कुमार सहित पुलिस बल मौजूद था।
एक तरफ सर्वे दूसरी तरफ अवैध निर्माण
एमडीडीए सचिव के निर्देश पर एक ओर गंगा किनारे 200 मीटर के दायरे में अवैध रूप से हुए अवैध निर्माणों का सर्वे चल रहा है दूसरी ओर निर्माण भी जारी हैं। हाल ही में साईं घाट के समीप निर्माणाधीन भवन और मोदी योगा रिट्रीट के नाम से संचालित प्रतिष्ठान का सचिव ने मौका मुआयना भी किया था। इनमें से साईं घाट स्थित निर्माणाधीन भवन के विरुद्घ दो बार नोटिस भी जारी किया गया। इसके बावजूद निर्माण अब तक रुक नहीं पाया है।
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कार्रवाई के दौरान भी जारी रहा सिफारिशों का दौर
एमडीडीए की ओर से सील की कार्रवाई को रोकने के लिए अवैध निर्माणकर्ताओं ने जमकर एड़ीचोटी का जोर लगाया। आमबाग में जिस समय एमडीडीए टीम सील की कार्रवाई कर रही थी उसी दौरान एक शख्स फोन हाथ में लिए अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा के पास आया। उसने फोन पर बात करने को कहा। फोन लाइन पर दूसरी ओर मौजूद व्यक्ति ने अधिशासी अभियंता को तत्काल कार्रवाई रोकने का दबाव बनाया। इस पर अधिशासी अभियंता ने फोन लाइन पर मौजूद शख्स से कहा कि आप कैसी बात कर रहे हैं। मौके पर मीडियाकर्मी भी मौजूद हैं। कार्रवाई नहीं रोकी जा सकती। इसी के साथ उन्होंने फोन रख दिया।
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आईडीपीएल चौकी से करीब छह पुलिस कर्मियों को लेकर एमडीडीए टीम आमबाग पहुंची। यहां सौरभ गुप्ता और रमेश कुमार बत्रा की बहुमंजिला इमारतों को सील किया गया। ये बहुमंजिला भवन बिना नक्शा पारित करवाए ही तैयार किए जा रहे थे। सील की कार्रवाई भरत विहार और मुखर्जी मार्ग पर भी होनी थी। इनमें से भरत विहार स्थित मानव जौहर, सचिन चोपड़ा और जय प्रकाश ने अपने भवनों पर सील की कार्रवाई होने से पहले ही कमिश्नर कोर्ट से स्टे आर्डर हासिल कर लिया। इसके अलावा तिलक मार्ग स्थित रजत नारंग और चंद्र बत्रा ने अपनी इमारत सील से बचाने के लिए दस दिन की मोहलत ले ली है। अवैध निर्माताओं ने एमडीडीए में हलफनामा दाखिल किया है कि दस दिन में वे स्वयं अवैध निर्माण को ध्वस्त कर देंगे। तिलकमार्ग स्थित इस भवन में सेट बैक नहीं छोड़ा गया है। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार करण सिंह, असिस्टेंट इंजीनियर मनोज जोशी, जूनियर इंजीनियर संजीव अग्रवाल, सुपरवाइजर महावीर सिंह, धर्म सिंह, अजय कुमार सहित पुलिस बल मौजूद था।
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एक तरफ सर्वे दूसरी तरफ अवैध निर्माण
एमडीडीए सचिव के निर्देश पर एक ओर गंगा किनारे 200 मीटर के दायरे में अवैध रूप से हुए अवैध निर्माणों का सर्वे चल रहा है दूसरी ओर निर्माण भी जारी हैं। हाल ही में साईं घाट के समीप निर्माणाधीन भवन और मोदी योगा रिट्रीट के नाम से संचालित प्रतिष्ठान का सचिव ने मौका मुआयना भी किया था। इनमें से साईं घाट स्थित निर्माणाधीन भवन के विरुद्घ दो बार नोटिस भी जारी किया गया। इसके बावजूद निर्माण अब तक रुक नहीं पाया है।
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कार्रवाई के दौरान भी जारी रहा सिफारिशों का दौर
एमडीडीए की ओर से सील की कार्रवाई को रोकने के लिए अवैध निर्माणकर्ताओं ने जमकर एड़ीचोटी का जोर लगाया। आमबाग में जिस समय एमडीडीए टीम सील की कार्रवाई कर रही थी उसी दौरान एक शख्स फोन हाथ में लिए अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा के पास आया। उसने फोन पर बात करने को कहा। फोन लाइन पर दूसरी ओर मौजूद व्यक्ति ने अधिशासी अभियंता को तत्काल कार्रवाई रोकने का दबाव बनाया। इस पर अधिशासी अभियंता ने फोन लाइन पर मौजूद शख्स से कहा कि आप कैसी बात कर रहे हैं। मौके पर मीडियाकर्मी भी मौजूद हैं। कार्रवाई नहीं रोकी जा सकती। इसी के साथ उन्होंने फोन रख दिया।