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खराब मौसम की खबर से सहम जाते है यात्री
आलोक पंवार /अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Fri, 10 Jun 2016 02:20 AM IST
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चारधाम यात्रा
- फोटो : AmarUjala
वर्ष 2013 में केदारघाटी में आई जलप्रलय के बाद कुछ टीवी चैनलों में उत्तराखंड में मौसम खराब होने की खबर को बढ़ा चढ़ाकर प्रस्तुत किया जाता है, जिससे तीर्थयात्रियों के मन में खौफ बैठ जाता है। जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है। इस तरह की मनगढ़ंत खबर पर रोक लगनी चाहिए। ताकी चारधाम यात्रा प्रभावित नहीं हो। यह कहना है चूरु, सरदार शहर, राजस्थान से आए टूर आपरेटर कृष्णाराम का।
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बीटीसी परिसर में बृहस्पतिवार को अमर उजाला संवाददाता से बातचीत में उन्होंने बताया कि 28 मई को घनसाली में बादल फटा, जबकि कुछ टीवी चैनलों ने गंगोत्री में बादल फटना दिखाया और दैवी आपदा की भयावह तस्वीरें प्रस्तुत की, जिससे उनकी बदरीनाथ धाम की बुकिंग रद्द हो गई।
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बकौल कृष्णाराम लोगों को किसी तरह समझाया कि आपदा के डर से चारधाम यात्रा बंद नहीं हो सकती है। हकीकत क्या है चलकर ही पता चलेगा। बीते बुधवार को राजस्थान से 56 तीर्थयात्रियों का दल लेकर तीर्थनगरी पहुंचे। यहां स्थानीय लोगों से गंगोत्री में बादल फटने और यात्रा मार्ग बाधित होने के बारे में मालूमात किया तो पता चला कि बादल गंगोत्री में नहीं घनसाली में फटा था।
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सच्चाई सामने आने पर तीर्थयात्रियों के मन से खौफ दूर हुआ और जय बदरी जय केदार के उदघोष के साथ बदरीनाथ धाम रवाना हुए। कृष्णाराम ने टीवी चैनलों की तथाकथित खबरों पर आक्रोश जताया है।
हजारों का घाटा हुआ
टूर आपरेटर कृष्णा राम ने बताया कि 2013 के बाद चारधाम की एक भी बुकिंग नहीं मिली। वर्ष 2013-14 में बुकिंग नहीं होने से उन्हें करीब 50 हजार का घाटा हुआ है।