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नोट बंदी का असर : गंगा में एक चक्कर लगाना भी दूभर
अमर उजाला/ ऋषिकेश।
Updated Mon, 14 Nov 2016 01:26 AM IST
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ऋषिकेश। वीकेंड में गुलजार रहने वाले राफ्टिंग के पीक प्वाइंट 500 और हजार के नोट बंद होने से सूने पड़ हैं। गंगा में इस रविवार को मायूसी दिखी। गिने चुने पर्यटक ही पिछले चार दिनों में गंगा की ओर रूख किया है। आठ नवंबर से पहले जहां राफ्ट व्यवसायी गंगा में तीन चक्कर लगा रहे थे, इन दिनों अब पर्यटकों की संख्या कम होने से उन्हें एक चक्कर लगना भी मुश्किल हो गया है।
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वीकेंड पर गंगा हमेशा ही राफ्ट से गुलजार रहती है। आठ नवंबर से 500 रुपये और हजार के नोट बंद होने से राफ्टिंग के शौकीन भी कम हो गए हैं। हालांकि बाहर से राफ्टिंग करने के लिए आने वाले पर्यटकों से राफ्ट संचालक 500 और हजार के नोट फिलहाल स्वीकार कर रहे हैं। लेकिन आम लोगों के बीच 500 और हजार के नोट बंद होने का संदेश पहुंचने से खुद ही राफ्टिंग के शौकीन लोग इस ओर कदम नहीं बढ़ा रहे हैं। लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम क्षेत्र में भी सैलानियों की आमद कम होने लगी है। रविवार को ब्रह्मपुरी, शिवपुरी के पीक प्वाइंटों में भी सन्नाटा देखने को मिला।
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राफ्टिंग संचालकों ने बताया कि बीते सप्ताह की अपेक्षा पर्यटकों की आमद और कम हो गई, जिससे इस बार पिछली बार के मुकाबले गिनीचुनी राफ्टें ही गंगा में उतरी। बताया कि बीते रविवार को गंगा में तीन चक्कर लग जाते थे लेकिन अब एक चक्कर लगना भी मुश्किल हो रहा है। राफ्ट्र संचालक जीतपाल, राज सिंह, अनुभव पयाल व हुकम भंडारी ने बताया कि बाहर से आने वाले पर्यटकों को राफ्टिंग की सुविधा देने के लिए वे खुद रिस्क उठाकर 500 और हजार के नोट फिलहाल स्वीकार कर रहे है। लेकिन पिछले चार दिनों में सिर्फ लगभग 60-70 लोग ही राफ्टिंग करने पहुंचे है। जबकि अन्य दिनों में यहां पर्यटकों संख्या लगभग 300 और 400 के बीच पहुंच जाती है।
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