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बैठने से पहले सरक रही नगर आयुक्त की कुर्सी
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ऋषिकेश। नगर निगम में नगर आयुक्त के कार्यभार संभालते ही उनके तबादले के आदेश जारी हो रहे हैं। हाल है कि बीते 15 महिनों में ऋषिकेश को तीसरे नगर आयुक्त मिले हैं। लगातार हो रहे तबादलों के चलते अधीनस्थ अधिकारी और कर्मचारी भी असमंजस में हैं। वहीं नगर निगम की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
तत्कालीन नगर आयुक्त नरेंद्र क्वींरियाल के तबादले के बाद ऋषिकेश नगर निगम में लगातार प्रशासनिक अस्थिरता बनी हुई है। 17 महीने केे कार्यकाल के बाद नरेंद्र सिंह क्वीरियाल का प्रमोशन अपर आयुक्त गढ़वाल के पद पर हुआ था। वे 28 अगस्त को रिलीव हो गए थे। इसके बाद पीसीएस अधिकारी मोहन सिंह बर्निया को नगर आयुक्त बनाया गया था। लेकिन नवनियुक्त नगर आयुक्त कार्यभार संभालने के बाद अवकाश पर चले गए थे। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने स्वास्थ्य कारणों के चलते अवकाश लिया था। इसके बाद वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी केके मिश्रा की नियुक्ति नगर आयुक्त के तौर पर की गई है। उनका तबदला पहले एडीएम नैनीताल के पद पर किया गया था। तब निजी समस्या के चलते केके मिश्रा से एडीएम का कार्यभार ग्रहण करने में असमर्थता जताई थी। हरिद्वार में एडीएम के पद पर रहे केके मिश्रा नगर आयुक्त प्रभार मिलने से खुश नहीं थे। तमाम कयासों के बावजूद उन्होंने 13 सितंबर को कार्यभार ग्रहण किया। लेकिन 15 सिंतबर को उनको एडीएम वित्त एवं राजस्व देहरादून बना दिया गया। वहीं वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी गिरीश चंद्र गुणवंत को ऋषिकेश भेज दिया गया। गिरीश चंद्र गुणवंत देहरादून में एडीएम वित्त एंव प्रशासन के पद पर तैनात थे। अब उनके भी नगर आयुक्त का प्रभार संभालने को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई हैं। मौजूदा स्थिति की बात करें तो नए नगर आयुक्त कुर्सी संभालने के साथ योजनाएं तैयार करते हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी प्राथकिमताएं बताते हैं। लेकिन योजनाओं और प्राथमिकताओं पर काम शुरू होने से पहले नगर आयुक्त का तबादला हो जाता है। ऐसे में शहर की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
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तत्कालीन नगर आयुक्त नरेंद्र क्वींरियाल के तबादले के बाद ऋषिकेश नगर निगम में लगातार प्रशासनिक अस्थिरता बनी हुई है। 17 महीने केे कार्यकाल के बाद नरेंद्र सिंह क्वीरियाल का प्रमोशन अपर आयुक्त गढ़वाल के पद पर हुआ था। वे 28 अगस्त को रिलीव हो गए थे। इसके बाद पीसीएस अधिकारी मोहन सिंह बर्निया को नगर आयुक्त बनाया गया था। लेकिन नवनियुक्त नगर आयुक्त कार्यभार संभालने के बाद अवकाश पर चले गए थे। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने स्वास्थ्य कारणों के चलते अवकाश लिया था। इसके बाद वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी केके मिश्रा की नियुक्ति नगर आयुक्त के तौर पर की गई है। उनका तबदला पहले एडीएम नैनीताल के पद पर किया गया था। तब निजी समस्या के चलते केके मिश्रा से एडीएम का कार्यभार ग्रहण करने में असमर्थता जताई थी। हरिद्वार में एडीएम के पद पर रहे केके मिश्रा नगर आयुक्त प्रभार मिलने से खुश नहीं थे। तमाम कयासों के बावजूद उन्होंने 13 सितंबर को कार्यभार ग्रहण किया। लेकिन 15 सिंतबर को उनको एडीएम वित्त एवं राजस्व देहरादून बना दिया गया। वहीं वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी गिरीश चंद्र गुणवंत को ऋषिकेश भेज दिया गया। गिरीश चंद्र गुणवंत देहरादून में एडीएम वित्त एंव प्रशासन के पद पर तैनात थे। अब उनके भी नगर आयुक्त का प्रभार संभालने को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई हैं। मौजूदा स्थिति की बात करें तो नए नगर आयुक्त कुर्सी संभालने के साथ योजनाएं तैयार करते हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी प्राथकिमताएं बताते हैं। लेकिन योजनाओं और प्राथमिकताओं पर काम शुरू होने से पहले नगर आयुक्त का तबादला हो जाता है। ऐसे में शहर की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
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