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Rishikesh News: स्वामी चिदानंद सरस्वती ने बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि
Mon, 27 Jul 2026 02:26 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 27 Jul 2026 02:26 AM IST
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परमार्थ निकेतन में स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर सभी अमर वीर बलिदानियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कारगिल विजय दिवस भारत की आत्मा, उसके स्वाभिमान, उसके साहस और उसकी सनातन चेतना की विजय का दिवस है। स्वामी ने कहा कि कारगिल की ऊंची बर्फीली चोटियां केवल युद्ध की साक्षी नहीं हैं, वे उन अमर बलिदानों की तपोभूमि हैं जहां भारत के वीर जवानों ने अपने रक्त से राष्ट्रप्रेम का ऐसा इतिहास लिखा, जिसे आने वाली पीढ़ियां सदैव गर्व के साथ स्मरण करेंगी। जब पूरा देश अपने घरों में सुरक्षित था। उन्होंने कहा कि राष्ट्र केवल मानचित्र पर बनी सीमाओं का नाम नहीं है। राष्ट्र हमारी संस्कृति है। कारगिल के वीरों ने केवल सीमाओं की रक्षा नहीं की, बल्कि भारत की आत्मा, उसकी अस्मिता और उसके गौरव की रक्षा की। उन्होंने कहा कि एक सैनिक के हाथ में शस्त्र इसलिए होता है ताकि समाज के हाथों में शास्त्र बने रहें, बच्चों के हाथों में पुस्तकें रहें और प्रत्येक नागरिक सुरक्षित एवं सम्मानपूर्ण जीवन जी सके। सैनिकों का त्याग संपूर्ण समाज की शांति का आधार है। उन्होंने युवाओं से विशेष आह्वान करते हुए कहा कि कारगिल के वीरों से प्रेरणा लेकर वे अपने जीवन में अनुशासन, निष्ठा, परिश्रम, साहस और सेवा को अपनाएं। राष्ट्र को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो केवल सफल ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, संस्कारित और उत्तरदायी नागरिक बनें।
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