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एम्स में हुआ ब्रेन हैमरेज का सफल ऑपरेशन
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मरीज को एयर एंबुलेंस से पहुंचाया गया एम्स। - फाइल फोटो
- फोटो : RISHIKESH
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एम्स ऋषिकेश में चिकित्सकों ने सोमवार को एक मरीज के ब्रेन हैमरेज का सफल ऑपरेशन किया। मरीज को बीते दिनों हेलीकॉप्टर से एम्स लाया गया था। पौड़ी गढ़वाल निवासी एक चिकित्सक दो अक्तूबर को अस्पताल में अचानक चक्कर खाकर गिर गए थे, जिन्हें राज्य सरकार की ओर से एयरलिफ्ट कर उसी शाम को एम्स हेलिपैड पर उतारा गया।
सीटी स्कैन में उनको ब्रेन हैमरेज पाया गया था। एंजियोग्राफी में नस फटने के कारण एन्युरिज्म पाया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनके दिमाग की एक नस फट गई थी। जिसे सोमवार को इंडोवैस्कुलर क्वाईलिंग या एन्यूरिज्म क्वाइलिंग द्वारा ठीक किया गया। एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि राज्य में एयर एंबुलेंस सेवा और एम्स परिसर में हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध होने से मरीज को तत्काल एम्स पहुंचाया जा सका, जिससे तत्काल उनका उपचार शुरू हो सका। इंटरवेंशनल न्यूरो रेडियोलाजिस्ट डॉ. संदीप बुडाठोकी ने बताया कि मरीज अब पूरी तरह से खतरे से बाहर है।
बताया कि मरीज के जीवन को बचाने में दो चीजों की भूमिका अहम रहीं। जिनमें हेमरेज के तत्काल बाद उन्हें एयरलिफ्ट करके एम्स ऋषिकेश पहुंचाने व इंडोवैस्कुलर क्वाइलिंग विधि से उपचार करना शामिल है। उन्होंने बताया कि इस विधि से उपचार करने से मरीज जल्दी रिकवरी कर सकेगा।
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सीटी स्कैन में उनको ब्रेन हैमरेज पाया गया था। एंजियोग्राफी में नस फटने के कारण एन्युरिज्म पाया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनके दिमाग की एक नस फट गई थी। जिसे सोमवार को इंडोवैस्कुलर क्वाईलिंग या एन्यूरिज्म क्वाइलिंग द्वारा ठीक किया गया। एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि राज्य में एयर एंबुलेंस सेवा और एम्स परिसर में हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध होने से मरीज को तत्काल एम्स पहुंचाया जा सका, जिससे तत्काल उनका उपचार शुरू हो सका। इंटरवेंशनल न्यूरो रेडियोलाजिस्ट डॉ. संदीप बुडाठोकी ने बताया कि मरीज अब पूरी तरह से खतरे से बाहर है।
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बताया कि मरीज के जीवन को बचाने में दो चीजों की भूमिका अहम रहीं। जिनमें हेमरेज के तत्काल बाद उन्हें एयरलिफ्ट करके एम्स ऋषिकेश पहुंचाने व इंडोवैस्कुलर क्वाइलिंग विधि से उपचार करना शामिल है। उन्होंने बताया कि इस विधि से उपचार करने से मरीज जल्दी रिकवरी कर सकेगा।
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