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Rishikesh News: नए शिक्षा सत्र में किताबों के लिए छात्र नहीं होंगे परेशान
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नए शिक्षा सत्र में पाठ्यक्रम की पुस्तकों के लिए छात्रों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। विद्यालयों ने अपने यहां बुक बैंक स्थापित किए हैं। विद्यालयों का कहना है कि जब तक पाठ्यक्रम की नई पुस्तकें उपलब्ध नहीं होंगी बुक बैंक से पुस्तकें छात्रों को उपलब्ध कराई जाएंगी। छात्र भी बुक बैंक के लिए स्वेच्छा से किताबें देने में रुचि दिखा रहे हैं।
नए शिक्षा सत्र शुरू होने में कुछ ही दिनों का समय बाकी है। अक्सर शिक्षा सत्र शुरू होने के महीनों बाद तक विद्यालयों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। जिससे पठन-पाठन प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए शिक्षा विभाग ने प्रत्येक स्कूल में बुक बैंक स्थापित करने की योजना बनाई थी। जिसके तहत छात्र अपनी कक्षा उत्तीर्ण करने पर अपनी पिछली कक्षा की पुस्तकें स्वेच्छा से विद्यालय को देते हैं। जिन्हें विद्यालय अपने बुक बैंक में रखता है और नया सत्र शुरू होने पर छात्रों को वितरित कर देता है। शिक्षा विभाग की यह योजना कारगर साबित हो रही है।
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हमारे विद्यालय में बुक बैंक स्थापित किया गया है। बुक बैंक में करीब चार हजार पुस्तकें हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू होने पर यह किताबें छात्रों को वितरित कर दी जाएंगी। - राजीव लोचन सिंह प्रधानाचार्य, जीआईसी आईडीपीएल
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विद्यालय के बुक बैंक में करीब 3500 से अधिक पुस्तकें हैं। नए शिक्षा सत्र में छात्रों को यह पुस्तकें दी जाएगी। छात्र बुक बैंक को स्वेच्छा से किताबें देने में रुचि दिखा रहे हैं। - गोविंद सिंह रावत, प्रधानाचार्य, श्री भरत मंदिर इंटर काॅलेज
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- विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक के सभी छात्र-छात्राओं ने अपनी पुस्तकें बुक बैंक में स्वेच्छा से जमा कराई हैं। छात्रों को किताबों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। - ललित मोहन शर्मा, प्रधानाचार्य, पंजाब सिंध क्षेत्र इंटर काॅलेज
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विकासखंड के लगभग सभी विद्यालयों में बुक बैंक हैं। जिनमें पर्याप्त किताबें हैं। छात्रों को बुक बैंक का पूरा लाभ मिल रहा है। - मंजू भारती, खंड शिक्षा अधिकारी, डोईवाला
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नए शिक्षा सत्र शुरू होने में कुछ ही दिनों का समय बाकी है। अक्सर शिक्षा सत्र शुरू होने के महीनों बाद तक विद्यालयों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। जिससे पठन-पाठन प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए शिक्षा विभाग ने प्रत्येक स्कूल में बुक बैंक स्थापित करने की योजना बनाई थी। जिसके तहत छात्र अपनी कक्षा उत्तीर्ण करने पर अपनी पिछली कक्षा की पुस्तकें स्वेच्छा से विद्यालय को देते हैं। जिन्हें विद्यालय अपने बुक बैंक में रखता है और नया सत्र शुरू होने पर छात्रों को वितरित कर देता है। शिक्षा विभाग की यह योजना कारगर साबित हो रही है।
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हमारे विद्यालय में बुक बैंक स्थापित किया गया है। बुक बैंक में करीब चार हजार पुस्तकें हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू होने पर यह किताबें छात्रों को वितरित कर दी जाएंगी। - राजीव लोचन सिंह प्रधानाचार्य, जीआईसी आईडीपीएल
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विद्यालय के बुक बैंक में करीब 3500 से अधिक पुस्तकें हैं। नए शिक्षा सत्र में छात्रों को यह पुस्तकें दी जाएगी। छात्र बुक बैंक को स्वेच्छा से किताबें देने में रुचि दिखा रहे हैं। - गोविंद सिंह रावत, प्रधानाचार्य, श्री भरत मंदिर इंटर काॅलेज
- विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक के सभी छात्र-छात्राओं ने अपनी पुस्तकें बुक बैंक में स्वेच्छा से जमा कराई हैं। छात्रों को किताबों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। - ललित मोहन शर्मा, प्रधानाचार्य, पंजाब सिंध क्षेत्र इंटर काॅलेज
विकासखंड के लगभग सभी विद्यालयों में बुक बैंक हैं। जिनमें पर्याप्त किताबें हैं। छात्रों को बुक बैंक का पूरा लाभ मिल रहा है। - मंजू भारती, खंड शिक्षा अधिकारी, डोईवाला