{"_id":"6a54e5f49e74509d540fcaa2","slug":"somnath-is-a-symbol-of-indias-cultural-renaissance-dhami-rishikesh-news-c-38-1-sdrn1040-143706-2026-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोमनाथ भारत के अटूट विश्वास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक : धामी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोमनाथ भारत के अटूट विश्वास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक : धामी
विज्ञापन
अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ...
उत्तराखंड से सोमनाथ के लिए विशेष रेल यात्रा का शुभारंभ, 700 यात्री हुए शामिल
सीएम धामी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
संवाद न्यूज एजेंसी
हर्रावाला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रेलवे स्टेशन हर्रावाला, देहरादून से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में वेरावल (सोमनाथ) के लिए विशेष रेल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं से जुड़ने का सशक्त माध्यम है। 700 श्रद्धालु छह दिवसीय विशेष तीर्थयात्रा के लिए रवाना हुए।
हर्रावाला रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां आधुनिक विकास और सनातन संस्कृति दोनों समान रूप से आगे बढ़ें। जनता के सहयोग और आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य साकार होगा।
सीएम धामी ने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर भारत की अटूट आस्था, अदम्य विश्वास और पुनरुत्थान का प्रतीक है। अनेक आक्रमणों और विध्वंस के बावजूद सोमनाथ ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया है कि भारत हर चुनौती के बाद और अधिक शक्ति एवं संकल्प के साथ आगे बढ़ता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रबोध और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव कराने वाला विशेष अवसर है। यह यात्रा भारत की हजारों वर्षों पुरानी सनातन परंपरा, गौरवशाली विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ने का अवसर है। अयोध्या से सोमनाथ, केदारनाथ से काशी विश्वनाथ, महाकाल से बदरीनाथ धाम तक मंदिरों का व्यापक पुनरुद्धार और विकास भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।
-- -
भारतीय सभ्यता की जीवन रेखा हैं मंदिर
सीएम धामी ने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की जीवनरेखा हैं। लंबे समय तक जिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की उपेक्षा हुई, आज उन्हें पुनः सम्मान और गौरव प्राप्त हो रहा है, जो बदलते भारत की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के साथ ही हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार पर कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना भी की गई है।
-- -
पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही सरकार
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है, जो केवल भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान नहीं बल्कि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और पवित्रता की रक्षा का प्रयास है। सीएम धामी ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान न्याय व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधारात्मक कदम उठाते हुए 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया तथा मदरसा बोर्ड के स्थान पर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की गई है, ताकि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बन सके।
विज्ञापन
उत्तराखंड से सोमनाथ के लिए विशेष रेल यात्रा का शुभारंभ, 700 यात्री हुए शामिल
सीएम धामी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
संवाद न्यूज एजेंसी
हर्रावाला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रेलवे स्टेशन हर्रावाला, देहरादून से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में वेरावल (सोमनाथ) के लिए विशेष रेल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं से जुड़ने का सशक्त माध्यम है। 700 श्रद्धालु छह दिवसीय विशेष तीर्थयात्रा के लिए रवाना हुए।
हर्रावाला रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां आधुनिक विकास और सनातन संस्कृति दोनों समान रूप से आगे बढ़ें। जनता के सहयोग और आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य साकार होगा।
विज्ञापन
सीएम धामी ने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर भारत की अटूट आस्था, अदम्य विश्वास और पुनरुत्थान का प्रतीक है। अनेक आक्रमणों और विध्वंस के बावजूद सोमनाथ ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया है कि भारत हर चुनौती के बाद और अधिक शक्ति एवं संकल्प के साथ आगे बढ़ता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रबोध और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव कराने वाला विशेष अवसर है। यह यात्रा भारत की हजारों वर्षों पुरानी सनातन परंपरा, गौरवशाली विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ने का अवसर है। अयोध्या से सोमनाथ, केदारनाथ से काशी विश्वनाथ, महाकाल से बदरीनाथ धाम तक मंदिरों का व्यापक पुनरुद्धार और विकास भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।
भारतीय सभ्यता की जीवन रेखा हैं मंदिर
सीएम धामी ने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की जीवनरेखा हैं। लंबे समय तक जिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की उपेक्षा हुई, आज उन्हें पुनः सम्मान और गौरव प्राप्त हो रहा है, जो बदलते भारत की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के साथ ही हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार पर कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना भी की गई है।
पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही सरकार
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है, जो केवल भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान नहीं बल्कि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और पवित्रता की रक्षा का प्रयास है। सीएम धामी ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान न्याय व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधारात्मक कदम उठाते हुए 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया तथा मदरसा बोर्ड के स्थान पर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की गई है, ताकि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बन सके।