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सड़कों और बाजारों में पसरा रहा सन्नाटा
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27 शहर में ऑटो, विक्रम न चलने से अपने सामान को खीच कर ले जाता व्यक्ति।
- फोटो : RISHIKESH
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मतदान के दिन शहर में ऑटो और विक्रम न चलने से स्थानीय लोगों और बाहरी राज्यों के पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई स्थानों पर लोग ऑटो विक्रम का इंतजार करते दिखे। कई घंटे तक इंतजार करने के बाद लोगों ने पैदल जाने में ही भलाई समझी। जो भी ऑटो विक्रम मिला, जहां तक के लिए मिला, लोग उसी में बैठ गए। इस दौरान ई-रिक्शा चालकों ने खूब चांदी काटी। गली के बाहर जो भी ई-रिक्शा दिखा, लोग उसे बुक कर मतदान स्थल तक ले गए। फिर पोलिंग बूथ से मोहल्ले की सवारियां लाते रहे। कई ई-रिक्शा चालक गलियों में मतदाताओं को ढोते दिखे। वहीं बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। अन्य दिनों की तरह बाजार में भीड़ भाड़ के बजाय सड़कें खुली खुली दिखीं। तपोवन, रामझूला, लक्ष्मणझूला में सन्नाटा पसरा रहा। जानकी पुल पर भी पर्यटक नहीं दिखे। यहां पर भी पर्यटकों को हरिद्वार जाने के लिए विक्रम और ऑटो का इंतजार करना पड़ा।
प्रदेश के विधानसभा चुुनाव के दिन रोडवेज बसों का संचालन किसी प्रकार से प्रभावित नहीं हुआ। रोडवेज की ओर से दिल्ली रूट पर 15 बसें भेजी गईं, जबकि देहरादून रूट पर छह बसें दिनभर चक्कर मारती रहीं। पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाली सभी बसें अपने नियमित समय पर रवाना हुईं। रोडवेज के यातायात अधीक्षक अनुराग पुरोहित ने बताया कि रोडवेज की जो भी बसें दिल्ली और अन्य रूटों पर गईं, उनमें 60 से 70 फीसदी सवारी थे। रविवार को रोडवेज की आय 13.25 लाख थी। मतदान के कारण आय प्रभावित हो सकती है। वहीं लोकल रूटों पर प्राइवेट बसों का संचालन बंद रहा।
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कई स्थानों पर लोग ऑटो विक्रम का इंतजार करते दिखे। कई घंटे तक इंतजार करने के बाद लोगों ने पैदल जाने में ही भलाई समझी। जो भी ऑटो विक्रम मिला, जहां तक के लिए मिला, लोग उसी में बैठ गए। इस दौरान ई-रिक्शा चालकों ने खूब चांदी काटी। गली के बाहर जो भी ई-रिक्शा दिखा, लोग उसे बुक कर मतदान स्थल तक ले गए। फिर पोलिंग बूथ से मोहल्ले की सवारियां लाते रहे। कई ई-रिक्शा चालक गलियों में मतदाताओं को ढोते दिखे। वहीं बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। अन्य दिनों की तरह बाजार में भीड़ भाड़ के बजाय सड़कें खुली खुली दिखीं। तपोवन, रामझूला, लक्ष्मणझूला में सन्नाटा पसरा रहा। जानकी पुल पर भी पर्यटक नहीं दिखे। यहां पर भी पर्यटकों को हरिद्वार जाने के लिए विक्रम और ऑटो का इंतजार करना पड़ा।
प्रदेश के विधानसभा चुुनाव के दिन रोडवेज बसों का संचालन किसी प्रकार से प्रभावित नहीं हुआ। रोडवेज की ओर से दिल्ली रूट पर 15 बसें भेजी गईं, जबकि देहरादून रूट पर छह बसें दिनभर चक्कर मारती रहीं। पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाली सभी बसें अपने नियमित समय पर रवाना हुईं। रोडवेज के यातायात अधीक्षक अनुराग पुरोहित ने बताया कि रोडवेज की जो भी बसें दिल्ली और अन्य रूटों पर गईं, उनमें 60 से 70 फीसदी सवारी थे। रविवार को रोडवेज की आय 13.25 लाख थी। मतदान के कारण आय प्रभावित हो सकती है। वहीं लोकल रूटों पर प्राइवेट बसों का संचालन बंद रहा।
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