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सात्विक भोजन ही साधकों के लिए सर्वोपरि है: पंकज भदौरिया

Sat, 06 Mar 2021 01:02 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 06 Mar 2021 01:02 AM IST
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Satvik food is paramount for seekers: Safe Bhadoria
योग महोत्सव में योग मुद्राएं करते साधक। - फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेेश। गढ़वाल मंडल विकास निगम एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयेाजित अंतराष्ट्रीय योग महोत्सव के पांचवें दिन मास्टर सेफ पंकज भदौरिया ने जहां साधकों को पौष्टिक आहार की जानकारी दी, वहीं स्वामी आत्मस्वरूपानन्द ने साधकों को विभिन्न यौगिक क्रियाओं का अभ्यास कराया।
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शुक्रवार को आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में मास्टर सेफ सीजन एक की विजेता रही पंकज भदौरिया ने साधकों को बताया कि जो हम खाते है, वह हमारे तन और मन पर वैसा ही प्रभाव डालता है। गीता में भगवान कृष्ण ने भोजन के तीन प्रकार बताए हैं। सात्विक, राजसिक व तामसिक, सात्विक भोजन ही मनुष्य के लिये सर्वोपरि है। कहा हमें सूर्य के उदय होने व अस्त होने के बीच में ही भेाजन करना चाहिए। क्योंकि सूर्य ऊर्जा का स्रोत है, इसलिए सूर्य की उपस्थिति में किया गया भोजन ही शरीर को स्वस्थ एवं ऊर्जावान बना सकता है।
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स्वामी निरंजनानन्द योग केंद्र जमुई बिहार के स्वामी आत्मस्वरूपानन्द ने साधकों को बताया कि योग हमें एक बहुमूल्य आध्यात्मिक विरासत के रूप में प्राप्त हुआ है। योग का मुख्य विषय आध्यात्मिक पथ के उच्चतम शिखर पर पहुंचना है। चौधरी बृजपाल सिंह ने योग व प्राणायाम के बारे में साधकों को बताया कि यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा एवं समाधि योग के प्रमुख तत्व है। जिसमें यम के पांच तत्व अहिंसा, सत्य, ब्रह्मचर्य, अस्तेय, अपरिग्रह प्रमुख है। हमें मन, वचन और कर्म से अहिंसक होना चाहिए, हमारी भाषा में भी हिंसक शब्दों का प्रयोग नहीं होना चाहिए। योगाचार्य शशिकान्त दुबे ने आसन, प्राणायाम एवं ध्यान के बारे में साधकों को जानकारी दी।
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आचार्य विपिन जोशी ने साधकों को बताया कि उत्तराखंड आरोग्यता का हब बन गया है। देश एवं दुनिया के लोग शांति के लिए उत्तराखंड हिमालय की ओर आ रहे हैं। उत्तराखंड में सभी अनोत्तरित सवालों का जवाब मिल जाता है। जब भी कोई व्यक्ति संकट में होता है तो वह हिमालय की ओर रूख करता है। आदिकाल से ही बड़े-बड़े सन्त, महापुरुष एवं धर्मगुरूओं ने हिमालय में आकर कठिन साधना की और पूरे विश्व ऱ्को अपने ज्ञान से आलोकित किया है। देरशाम सांस्कृतिक संध्या में इंदिरा नायक ने अपने सूफी और गजल से शानदान प्रस्तुति देकर दर्शकों की जमकर तालियां बटोरी। इस मौके पर जीएमवीएन प्रबंध निदेशक डॉ आषीश चौहान, महाप्रबन्धक जितेन्द्र कुमार, अवधेश कुमार सिंह, अभिषेक कुमार आनंद, राजेंद्र प्रसाद ढौंडियाल, विश्वनाथ बेंजवाल आदि मौजूद थे।

 योग महोत्सव में योग मुद्राएं करता साधक।

योग महोत्सव में योग मुद्राएं करता साधक।- फोटो : RISHIKESH

योग महोत्सव में बाईं ओर खड़ी मास्टर सेफ पंकज भदौरिया को स्मृति चिह्न भेंट करते पर्यटन महाप्रबंध?

योग महोत्सव में बाईं ओर खड़ी मास्टर सेफ पंकज भदौरिया को स्मृति चिह्न भेंट करते पर्यटन महाप्रबंध?- फोटो : RISHIKESH

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