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पर्यावरणविद सच्चिदानंद भारती को स्वामीराम मानवता पुरूस्कार
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एचआईएचटी के संस्थापक डॉ स्वामी राम के महासमाधि दिवस पर स्वामी राम मानवता के सच्चिदानंद भारती को
- फोटो : RISHIKESH
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डोईवाला। एसआरएचयू परिसर स्थित स्वामीराम के 25वें महासमाधि दिवस के अवसर पर पाणी- राखो आंदोलन के प्रणेता सच्चिदानंद भारती को पौड़ी जिले के उफरेंखाल क्षेत्र में वर्षा जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए इस वर्ष के स्वामीराम मानवता पुरस्कार से नवाजा गया। पुरस्कार के तौर पर उन्हें पांच लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र और गोल्ड मैडल प्रदान किया गया।
पाणी राखो आंदोलन के प्रणेता सच्चिदानंद भारती ने उफरैंखाल में गाडखर्क की सूखी पहाड़ी को हरा भरा करने की ठानी। 1982 में दूधातोली लोक विकास संस्थान की स्थापना की। इस मुहिम के तहत इस सूखी पहाड़ी पर बारिश की बूंदों को सहेजने के लिए क्षेत्र की महिला और युवक मंगल दलों की मदद से हजारों की संख्या में छोटी-छोटी जल तलैया बनाई गई। 40 लाख पौधे रोपे गऐ। वर्षा के जल संग्रहण के लिए 30 हजार छोटे-छोटे गड्ढों की खुदाई की गई। पानी के कार्य की मेहनत रंग लाई और कुछ वर्षो में गाडखर्क की सूखी पहाडी न सिर्फ हरी भरी हो गई, बल्कि वहां से निकलने वाली बरसाती नदी भी सदानीरा हो गई। इसके लिए सच्चिदानंद भारती को राज्य और राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। 2011 में उत्तराखंड ग्रीन अवार्ड,2013 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय पुरस्कार 2015 में इंदिरा गांधी पर्यावरण पुरस्कार प्रमुख हैं। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में इनके प्रयासों की सराहना नेशनल जियोग्राफिक द्वारा 2011 में प्रकाशित पुस्तक रिटन इन वाटर में की गई है। अमेरिक की इंटनशेनल अशोका फेलोशिप भी आपको मिली है। पर्यावरण सच्चिदानंद भारती ने कहा कि विज्ञान और अध्यात्म के बल पर सामाजिक सेवा का उच्च उदाहरण स्वामीजी ने दिया है। वह हमेशा से समाज के लिए प्रेरणापुंज रहे हैं और रहेगें। उनके नाम से सम्मान पाना मेरे लिए गर्व का अनुभव है। समाज सेवा के लिए हमारी प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।
इन्हें मिला बेस्ट इंप्लाई अवार्ड
एसआरएचयू बेस्ट इंप्लाई अवार्ड-
बेस्ट टीचर अवार्ड- डॉ.तरूणा शर्मा
क्लीनिशिन अवार्ड- डॉ. शहबाज अहमद
बेस्ट पैरो-क्लीनिकल इंप्लाई अवार्ड
डॉ. अरुण पाठक, शिजु देवाशिया, युद्धवीर सिंह, रजनी प्रसाद,सीमा के चौधरी, टॉम एंटोनी, खोरेन बारा,जेम्स राबर्ट मैसी और मनमोहन सिंह बिष्ट
बेस्ट नॉन-क्लीनिशयन इंप्लाई अवार्ड
देवेन्द्र प्रसाद, गौरव सिंह रावत, नरेश सिंह, दीपक सिंह, अजय सिंह, सुदेश रानी, नंदन सिंह, इंद्र सिंह सोलंकी
बेस्ट आरडीआई इंप्लाई अवार्ड
डॉ. वीरेन्द्र दत्त सेमवाल, कमलनयन जोशी के अलावा वीरेंद्र सिंह, दिलीप को भी सम्मानित किया गया।
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पाणी राखो आंदोलन के प्रणेता सच्चिदानंद भारती ने उफरैंखाल में गाडखर्क की सूखी पहाड़ी को हरा भरा करने की ठानी। 1982 में दूधातोली लोक विकास संस्थान की स्थापना की। इस मुहिम के तहत इस सूखी पहाड़ी पर बारिश की बूंदों को सहेजने के लिए क्षेत्र की महिला और युवक मंगल दलों की मदद से हजारों की संख्या में छोटी-छोटी जल तलैया बनाई गई। 40 लाख पौधे रोपे गऐ। वर्षा के जल संग्रहण के लिए 30 हजार छोटे-छोटे गड्ढों की खुदाई की गई। पानी के कार्य की मेहनत रंग लाई और कुछ वर्षो में गाडखर्क की सूखी पहाडी न सिर्फ हरी भरी हो गई, बल्कि वहां से निकलने वाली बरसाती नदी भी सदानीरा हो गई। इसके लिए सच्चिदानंद भारती को राज्य और राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। 2011 में उत्तराखंड ग्रीन अवार्ड,2013 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय पुरस्कार 2015 में इंदिरा गांधी पर्यावरण पुरस्कार प्रमुख हैं। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में इनके प्रयासों की सराहना नेशनल जियोग्राफिक द्वारा 2011 में प्रकाशित पुस्तक रिटन इन वाटर में की गई है। अमेरिक की इंटनशेनल अशोका फेलोशिप भी आपको मिली है। पर्यावरण सच्चिदानंद भारती ने कहा कि विज्ञान और अध्यात्म के बल पर सामाजिक सेवा का उच्च उदाहरण स्वामीजी ने दिया है। वह हमेशा से समाज के लिए प्रेरणापुंज रहे हैं और रहेगें। उनके नाम से सम्मान पाना मेरे लिए गर्व का अनुभव है। समाज सेवा के लिए हमारी प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।
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इन्हें मिला बेस्ट इंप्लाई अवार्ड
एसआरएचयू बेस्ट इंप्लाई अवार्ड-
बेस्ट टीचर अवार्ड- डॉ.तरूणा शर्मा
क्लीनिशिन अवार्ड- डॉ. शहबाज अहमद
बेस्ट पैरो-क्लीनिकल इंप्लाई अवार्ड
डॉ. अरुण पाठक, शिजु देवाशिया, युद्धवीर सिंह, रजनी प्रसाद,सीमा के चौधरी, टॉम एंटोनी, खोरेन बारा,जेम्स राबर्ट मैसी और मनमोहन सिंह बिष्ट
बेस्ट नॉन-क्लीनिशयन इंप्लाई अवार्ड
देवेन्द्र प्रसाद, गौरव सिंह रावत, नरेश सिंह, दीपक सिंह, अजय सिंह, सुदेश रानी, नंदन सिंह, इंद्र सिंह सोलंकी
बेस्ट आरडीआई इंप्लाई अवार्ड
डॉ. वीरेन्द्र दत्त सेमवाल, कमलनयन जोशी के अलावा वीरेंद्र सिंह, दिलीप को भी सम्मानित किया गया।