चंद्रभागा नदी से उजाड़े गए लोगों के रहन-सहन की व्यवस्था के लिए प्रशासन ने शनिवार को संभावित जगहें तलाशी। अस्थायी तौर पर बेघर लोगों के लिए आईएसबीटी परिसर पर बने 14 प्रतीक्षालयों, दो रैन बसेरे, निगम में स्थित स्व. इंद्रमणि बडोनी हॉल तथा एक खाली प्लांट में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने इन लोगों से मुलाकात की और उक्त जगहों पर जाने को कहा। बेघरों को प्रशासन की ओर से दो समय भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
शनिवार को उप जिलाधिकारी प्रेमलाल, तहसीलदार रेखा आर्य और पूर्ति निरीक्षक विजय डोभाल आईएसबीटी परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने 14 प्रतीक्षालयों का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने महिला और पुरुष रैन बसेरे भी जांचे, जिन्हें एसडीएम ने चंद्रभागा नदी पर अतिक्रमण की कार्रवाई से बेघर हुए लोगों के लिए उपयुक्त पाया। यहां के बाद तीनों अधिकारी चंद्रभागा नदी क्षेत्र में गए। एसडीएम ने यहां लोगों को बताया कि जब तक वह अपने लिए रहने का ठिकाना नहीं ढूूंढ़ लेते है, तब तक वह यहां रह सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी जगहों पर 500 से अधिक लोग आसानी से ठौर पा सकते हैं। यदि संख्या बढ़ती है और भी विकल्प तलाशे जाएंगे। उन्होंने पूर्ति निरीक्षक विजय डोभाल को इन लोगों को दो समय भोजन उपलब्ध कराने को कहा है।