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गुलदार की दहशत के बीच खदरी पहुंची डब्लूडब्लूएफ की टीम
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श्यामपुर खदरी का निरीक्षण करती वन विभाग की टीम।
- फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। ग्राम पंचायत खदरी श्यामपुर में गुलदार की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। ग्रामीणें ने वन विभाग के रेंज अधिकारी एमएसरावत से सुरक्षा की गुहार लगाई है। वन विभाग ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम बुलाकर क्षेत्र का निरीक्षण किया।
बृहस्पतिवार को टीम के वन्यजीव विशेषज्ञ एके सिंह ने बताया कि गुलदार ने जिस क्षेत्र को अपना ठिकाना बनाया हुआ है, उसका क्षेत्रफल काफी लंबा है। गुलदार को पकड़ने के लिए विशेष रणनीति पर विचार किया जाएगा। जिसमें आधुनिक लेग होल ट्रेपर विधि को भी अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान को सौंपी जाएगी। इसके बाद ही आगे की रणनीति तैयार कर गुलदार को पकड़ा जाएगा। कहा यदि केवल शावकों को पकड़ा जाता है तो इससे मादा गुलदार और आक्रामक होकर किसी पर भी हमला कर सकती है। स्थानीय निवासी विनोद जुगलान ने कहा कि मादा गुलदार ने गुलजार फार्म में गन्ने के खेतों में ही अपने शावकों को पिछले वर्ष जन्म दिया था, गुलदार शावक गन्ने के खेतों को ही अपना प्राकृतिक आवास मान बैठे हैं। आसपास के खेतों में उनकी आमद आसानी से देखी जा सकती है। आसपास क्षेत्र में गुलदार की आमद चिंता का विषय है।
इस मौके पर वन्यजीव विशेषज्ञ भोपानाथ, सेवानिवृत्त वार्डेन विक्रम सिंह तोमर, रामपाल, स्वयम्बरदत्त कंडवाल, राजेश बहुगुणा, शांति थपलियाल, श्रीकांत रतूड़ी, वीरेंद्र रयाल, बृजपाल चौधरी, सूर्यप्रकाश चौहान, आयुष रानाकोटी आदि थे।
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बृहस्पतिवार को टीम के वन्यजीव विशेषज्ञ एके सिंह ने बताया कि गुलदार ने जिस क्षेत्र को अपना ठिकाना बनाया हुआ है, उसका क्षेत्रफल काफी लंबा है। गुलदार को पकड़ने के लिए विशेष रणनीति पर विचार किया जाएगा। जिसमें आधुनिक लेग होल ट्रेपर विधि को भी अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान को सौंपी जाएगी। इसके बाद ही आगे की रणनीति तैयार कर गुलदार को पकड़ा जाएगा। कहा यदि केवल शावकों को पकड़ा जाता है तो इससे मादा गुलदार और आक्रामक होकर किसी पर भी हमला कर सकती है। स्थानीय निवासी विनोद जुगलान ने कहा कि मादा गुलदार ने गुलजार फार्म में गन्ने के खेतों में ही अपने शावकों को पिछले वर्ष जन्म दिया था, गुलदार शावक गन्ने के खेतों को ही अपना प्राकृतिक आवास मान बैठे हैं। आसपास के खेतों में उनकी आमद आसानी से देखी जा सकती है। आसपास क्षेत्र में गुलदार की आमद चिंता का विषय है।
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इस मौके पर वन्यजीव विशेषज्ञ भोपानाथ, सेवानिवृत्त वार्डेन विक्रम सिंह तोमर, रामपाल, स्वयम्बरदत्त कंडवाल, राजेश बहुगुणा, शांति थपलियाल, श्रीकांत रतूड़ी, वीरेंद्र रयाल, बृजपाल चौधरी, सूर्यप्रकाश चौहान, आयुष रानाकोटी आदि थे।
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