{"_id":"570d54de4f1c1b85114a6b94","slug":"no-one-km-road-built-in-ten-months","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस महीने में एक किमी. सड़क नहीं बना पाया आपदा डिवीजन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस महीने में एक किमी. सड़क नहीं बना पाया आपदा डिवीजन
ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश
Updated Wed, 13 Apr 2016 01:48 AM IST
विज्ञापन
सड़क
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगस्त-2014 की यमकेश्वर आपदा से डेंजर जोन में तब्दील स्टेट हाईवे की मरम्मत को लेकर लोक निर्माण विभाग एडीबी आपदा डिवीजन गंभीर नहीं है। लापरवाही का आलम यह है कि क्षतिग्रस्त मार्ग के लिए 36.36 करोड़ की वित्तीय मंजूरी करीब डेढ़ साल पहले हो चुकी है, मगर महकमे ने इसमें दस महीने पहले बमुश्किल कार्य शुरू किया।
विज्ञापन
बावजूद इसके 80 किलोमीटर तक क्षतिग्रस्त मार्ग का 10 मीटर का पैच ऐसा नहीं है, जिसमें विभाग द्वारा मरम्मत कार्य पूरा कर लिया गया हो। मार्ग पर करीब महीनेभर से निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। लिहाजा हर रोज हजारों लोग जान हथेली पर रखकर जोखिम उठाकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
2014 की आपदा में बैराज-लक्ष्मणझूला-कांडी-दुगड्डा-रतबाढाब-धूमाकोट स्टेट हाईवे का लक्ष्मणझूला-दुगड्डा के प्रारंभिक 106 किलोमीटर पार्ट में करीब 80 किमी. का पैच अत्यधिक क्षतिग्रस्त है। इसके लिए दिसंबर-2014 में सरकार द्वारा एडीबी आपदा मद में 36.36 करोड़ की वित्तीय मंजूरी दी जा चुकी है।
विज्ञापन
बावजूद इसके, कार्यदायी एजेंसी लोक निर्माण विभाग एडीबी आपदा डिवीजन पौड़ी द्वारा मार्ग पर मरम्मत कार्य सात महीने बाद जुलाई-2015 में शुरू कराया गया। मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुलिया, बरसात में बने डेंजर जोनों की मरम्मत, कॉजवे, क्रैश बैरियर, पुल और डेंजर प्वाइंट्स पर पैरापिट का निर्माण में से कहीं कुछ नहीं किया गया है।
इससे हर रोज पौराणिक नीलकंठ धाम के दर्शन को आने वाले हजारों श्रद्धालुओं और यमकेश्वर प्रखंड के 86 ग्रामसभाओं के सवा दो सौ से अधिक खंड ग्रामों के साथ ही दुगड्डा और द्वारीखाल ब्लॉक के दर्जनों गांवों के लोगों को जोखिम भरी यात्रा करने को विवश होना पड़ रहा है।
सड़क पर नहीं दावों से काम चला रहे महकमे के अफसर
यमकेश्वर प्रखंड में महीनेभर से स्टेट हाईवे पर कोई काम तो दूर, कहीं कोई श्रमिक कार्य करता हुआ नहीं दिख रहा है। मगर महकमे के अधिकारी क्षेत्र में राज्य राजमार्ग की निर्माण को तेज गति से होना बता रहे हैं।
जब जिम्मेदार अफसरों को वस्तु स्थिति के बारे में बताया गया तो वह राजमार्ग के यमकेश्वर ब्लाक के पैच में निर्माण कार्य बंद होना स्वीकार लेते हैं और तपाक से दावा कर बैठते हैं कि स्टेट हाईवे पर दुगड्डा प्रखंड की ओर से तेजी से डामरीकरण का कार्य चल रहा है। जानकारों की मानें तो हाईवे के दुगड्डा प्रखंड के किसी भी पैच में फिलहाल कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
स्टेट हाईवे पर आवागमन अत्यधिक जोखिमभरा है। लोग वैकल्पिक मार्ग न होने से जान हथेली पर रखकर यात्रा करने को मजबूर हैं। मार्ग को वित्तीय मंजूरी मिले सवा साल हो चुके हैं, मगर अभी तक पीडब्लूडी आपदा डिवीजन ने क्षतिग्रस्त सड़क के एक किमी. पैच को भी दुरुस्त नहीं किया है।
काफी समय से पूरे मार्ग पर काम बंद कर दिया गया है। हजारों लोगों से जुड़ी सड़क के मामले में जिला प्रशासन को दखल देने की जरूरत है। अन्यथा क्षेत्रवासियों को लामबंद कर आंदोलन शुरू किया जाएगा।-प्रशांत बडोनी, पूर्व ब्लाक प्रमुख यमकेश्वर।
वास्तव में स्टेट हाईवे का निर्माण कार्य अत्यधिक धीमा है। दरअसल निर्माण एजेंसी के अंदरूनी मामले के चलते कार्य बाधित हो रहा है। यमकेश्वर ब्लाक में सड़क पर पेंटिंग वर्क 18 अप्रैल से शुरू कराने को एजेंसी कांट्रेक्टर को निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही दूसरे अवशेष कार्य भी जारी रहेंगे। दुगड्डा प्रखंड में स्टेट हाईवे पर पेंटिंग का कार्य तेजी से शुरू करा दिया गया है।-एसके बिरला, मुख्य अभियंता, पीडब्लूडी एडीबी आपदा, देहरादून उत्तराखंड ।