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गंगा तटों पर सुविधाओं को मोहताज श्रद्धालु
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
Updated Tue, 09 Feb 2016 12:54 AM IST
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अर्द्धकुंभ मेले में भी प्रशासन गंगा तटों और घाटों को कुंभ स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ नहीं रख पा रहा है। सोमवार को सोमवती स्नान पर्व पर तीर्थनगरी पहुंचे श्रद्धालुओं को तरह-तरह की परेशानियों से दो चार होना पड़ा। श्रद्धालुओं का कहना है कि नदी में गिर रहे नालों का समुचित प्रबंधन नहीं होने से मैला गंगा में गिर रहा है।
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मेला प्रशासन ने गंगा घाटों पर साफ सफाई, स्नानार्थियों के लिए वस्त्र बदलने और पूजा-पाठ के लिए भी ठोस व्यवस्था नहीं की है। कुंभ स्नान के लिए तीर्थनगरी पहुंचने वाले अधिकांश श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां गंगा तटों और घाटों पर व्याप्त अव्यवस्थाओं से नहीं लगता कि कुुंभ पर्व चल रहा है।
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सोमवती अमावस्या पर त्रिवेणी घाट पर डुबकी लगाने आईं हरियाणा की सावित्री देवी ने बताया कि चेंजिंग रूम के अभाव में उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। नदी के किनारे पत्थरों पर काफी फिसलन होने से लोग गिरकर चोटिल हो सकते हैं। ढालवाला के ऋषि दीक्षित का कहना है कि स्नान के लिए गंगा तटों पर आने वाले कई श्रद्धालु भी मैला छोड़कर चले जाते हैं, जिससे गंगा प्रदूषित हो रही है।
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टिहरी निवासी वीरेंद्र सेमवाल कहते है कि गंगा तट पर पूजन के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। श्रद्धालुओं के लिए तटों पर धूप-दीप, अगरबत्ती जलाने के लिए उपयुक्त स्थान होना चाहिए। श्यामपुर निवासी एनसी पांडेय ने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार गंगा स्वच्छता के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें कर रही हैं, लेकिन पवित्र नदी में गिर रहे गंदे नालों की रोकथाम के उपाय नहीं किए जा रहे।
गंगा तटों, घाटों की स्थिति पर भरत विहार निवासी सीमा कहती हैं कि त्रिवेणी घाट पर महिलाओं के स्नान की कोई खास व्यवस्था नहीं है। कुंभ के लिए निकाली गई सहायक जलधारा में डुबकी लगाने के लिए पर्याप्त जल नहीं है।