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वनकर्मियों ने कैमरा ट्रैप, और पग चिह्नों की पहचान की के बारे में सीखा

Tue, 29 Dec 2020 11:39 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 29 Dec 2020 11:39 PM IST
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- Learn the tricks to leave the trapped Guldar in the forest
लीसा डिपो में गुलदार ट्रैकुंलाइज का प्रशिक्षण शिविर। - फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। भागीरथी वृत की ओर से लीसा डिपो में आयोजित मानव वन्यजीव संघर्ष, वन पंचायत एवं बर्ड वाचिंग विषय पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन वनकर्मियों को गुलदार का रेस्क्यू करने, कैमरा ट्रैप लगाने, जंगल में वन्यजीवों के पदचिह्नों को पहचानने, वन्यजीवों के हमले से अपने आपको बचाने के गुरु सिखाए गए।
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कार्यशाला के दूसरे दिन शिवपुरी, नरेंद्रनगर, कीर्तिनगर, मणिकनाथ रेंज देवप्रयाग से आए वनकर्मियों को मध्यप्रदेश के उज्जैन से आए वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. विवेक पैगन की ओर से गुलदार को ट्रैंकुलाइज करने के बाद उसे जाल की मदद से काबू करना सिखाया गया। इस दौरान उन्हें जंगल में गुलदार अन्य जानवरों के हरकत को ट्रेस करने के लिए कैमरा ट्रैप लगाना सिखाया गया। कार्यक्रम में एसडीओ डीपी बलूनी, एसडीओ मनमोहन बिष्ट, लीसा डिपो अधिकारी बीपी ध्यानी, रेंजर नरेंद्रनगर विवेक जोशी, रेंजर शिवपुरी स्पर्श काला, रेंजर सकलाना बुद्धिप्रकाश, रेंजर कीर्तिनगर अखिलेश भट्ट, हुकम दत्त बिजल्वाण, बलवीर सिंह पंवार, विजेंद्र मैठाणी, डॉ.किशोर नौटियाल, विजय कुमार, दिवाकर प्रसाद, भगत सिंह रावत, राकेश कुमार रावत, मंगल सिंह, हेमंत बिजल्वाण, राकेश रावत, संजय कुमार, भगत सिंह रावत आदि थे।
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उन्होंने कहा कि रेंज के हर वनकर्मी को कैमरा ट्रैप लगाना आना चाहिए। इस दौरान उन्होंने आधुनिक कैमरा ट्रैप के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वन विभाग को अब जीएसएम वाले कैमरे का प्रयोग करना चाहिए। हमें गुलदार, बाघ, जंगली बिल्ली, हाईना के पदचिह्न के बारे में जानकारी होनी बहुत जरूरी है। ग्रामीणों की ओर से लगाए गए फंदे में यदि गुलदार फंसता है तो उसे किस प्रकार से छुड़ाना है इसके बारे में भी जानकारी दी गई। यदि जंगल में किसी गुलदार के मरने की सूचना मिलती है तो वहां पर मौके पर पहुंचने पर सबसे पहला यह काम करें कि आसपास के क्षेत्र को एक टेप से कवर कर दें। उसके बाद डॉग स्कवॉयड की टीम मौके पर पहुंचे, उसके बाद पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे। गुलदार के नाखून, पूछ, खाल की जांच करें। उसके बाद उसे सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाएं।
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