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चोरी का माल बेचने के विवाद में हुई थी कबाड़ी की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो/ऋषिकेश।
Updated Wed, 31 May 2017 01:06 AM IST
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ऋषिकेश कोतवाली पुलिस के हत्थे चढ़ा हत्यारोपी
- फोटो : amarujala
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कोतवाली पुलिस ने 11 दिन बाद कबाड़ के कारोबारी हेतराम हत्याकांड की गुत्थी सुलझा दी है। मामले में हत्यारोपी अजीत जुयाल को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद किया है। हत्या चोरी के माल को बेचने पर हुए विवाद के चलते की गई थी।
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पुलिस के अनुसार आरोपी शातिर चोर है, वह चोरी के विभिन्न मामलों में वांछित है। बता दें बीती 19 मई की रात कबाड़ कारोबारी हेतराम निवासी लेबर कॉलोनी, आईडीपीएल का शव वीरभद्र बिजली घर की चहारदीवारी के समीप एक मैदान में झाड़ियों के पास मिला था।
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हेतराम की पत्नी ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। कोतवाली में मंगलवार को हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक देहात सरिता डोभाल ने बताया कि आरोपी अजीत जुयाल पुत्र स्व. रामचंद्र निवासी शांतिनगर, ढालवाला और मूल निवासी गैंडखाल, यमकेश्वर ने जुर्म कबूल किया है।
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आरोपी अजीत जुयाल शातिर चोर है और चोरी का माल कबाड़ी हेतराम उससे खरीदता था। चोरी के सामान को बेचने पर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में शातिर चोर ने कबाड़ी की हत्या कर दी।
पुलिस के मुताबिक अजीत ने घटना की रात पहले रायवाला में शराब पी। इसके बाद वह लेबर कॉलोनी हेतराम के घर जाने वाले रास्ते के समीप झाड़ियों में छुपकर उसका इंतजार करने लगा। रात करीब साढ़े नौ बजे हेतराम बाइक से श्यामपुर से लेबर कालोनी आने वाले कच्चे रास्ते से घर लौट रहा था, तभी डंडे से प्रहार किया। नीचे गिरते ही चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी और मौके से भाग गया।
एसपी देहात सरिता डोभाल ने बताया कि हत्थे चढ़े आरोपी पर शक की सुई पहले से ही घूम रही थी। दरअसल, हेतराम के बेटे मोहन, पत्नी रामेश्वरी का बयान था कि अजीत ने चोरी का सोना हेतराम को दिया था, जिसे हेतराम ने बेचा, लेकिन अजीत को पैसे नहीं दिए, जिससे इनके बीच विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने जान से मारने की धमकी भी दी थी।