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मांग पूरी न होने पर करेंगे विस चुनाव का बहिष्कार

Wed, 10 Aug 2016 01:33 AM IST
rishikesh
rishikesh Updated Wed, 10 Aug 2016 01:33 AM IST
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In the absence of demand would boycott the Assembly elections
मांग काे लेकर घ्‍ाेराव - फोटो : amar ujala

राजस्व ग्राम का दर्जा और भूमिधरी का अधिकार देने की मांग को लेकर पिछले 16 दिनों से आंदोलनरत टिहरी बांध विस्थापितों ने मंगलवार को जुलूस-प्रदर्शन कर तहसील का घेराव किया। मांगों को लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। शीघ्र ही समस्या का समाधान न होने पर विस्थापितों ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया। प्रभावितों ने शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों पर झूठा आश्वासन देने का आरोप लगाया।

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टिहरी बंाध प्रभावित पशुलोक क्षेत्र के लोग पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नटराज चौक पर एकत्रित हुए। वहां से जुलूस-प्रदर्शन करते हुए वे तहसील पहुंचे। तहसील में उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि देश और प्रदेश के विकास के लिए उन्होंने अपने पुरखों के बसाए गए गांवों और जन्म भूमि का त्याग टिहरी बांध निर्माण के लिए किया है। वर्ष 2000 में प्रभावित परिवारों को पशुलोक ऋषिकेश में विस्थापित किया गया है। 
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पशुलोक क्षेत्र में लगभग तीन हजार परिवार रहते हैं।

लेकिन, इस क्षेत्र के गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं दिया गया है। राजस्व ग्राम का दर्जा न मिलने पर उन्हें केंद्र और प्रदेश सरकार की समाज कल्याण की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वे पंचायत चुनाव में मतदान नहीं कर पाते है।भूमिधरी का अधिकार न मिलने पर कोई भी बैंक उन्हें मकान बनाने, व्यापार करने और बच्चों की पढ़ाई करवाने के लिए ऋण की सुविधा नहीं देता है। 
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उक्त मांगों को लेकर पूर्व में भी कई बार आंदोलन कर चुके हैं। लेकिन, शासन-प्रशासन की ओर से उन्हें कोरे आश्वासन ही मिलते रहे हैं। मांगों पर कार्रवाई न होने की स्थिति में उन्हें 25 जुलाई से फिर आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा है।

बाद में उन्होंने तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सिंचाई मंत्री और राजस्व मंत्री को मांग के संबंध में ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया है कि जब तक राजस्व ग्राम का दर्जा और भूमिधरी का अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करते रहेंगे। जुलूस-प्रदर्शन में संघर्ष समिति के अध्यक्ष हरी सिंह भंडारी, जगदंबा रतूड़ी, मनोज मैठाणी, प्रताप सिंह राणा, संजय थपलियाल, अरूणकांत, सूरत सिंह राणा, प्रवीन थपलियाल व जगदंबा सेमवाल आदि शामिल थे। 


राजस्व ग्राम और भूमिधरी के मामले में कैबिनेट में निर्णय लेंगे सीएम
ऋषिकेश। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय मंगलवार की सायं टिहरी बांध प्रभावित पशुलोक पहुंचे। राजस्व ग्राम और भूमिधरी का अधिकार देने की मांग को लेकर पिछले 16 दिनों से आंदोलनरत लोगों से वार्ता कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। कहा कि राजस्व ग्राम और भूमिधरी का अधिकार देने के मामले में मुख्यमंत्री हरीश रावत से वार्ता हो चुकी है। सीएम कैबिनेट की बैठक में निर्णय लेकर राजस्व ग्राम और भूमिधरी अधिकार देने की मांग को पूरा करेंगे। राजस्व ग्राम का दर्जा न मिलने और भूमिधरी का अधिकार न मिलने को उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों को दोषी बताया।

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