{"_id":"68348927827b9ff0840bae6b","slug":"gujarat-chief-secretary-reached-parmarth-niketan-rishikesh-news-c-38-1-sdrn1027-127635-2025-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: गुजरात के मुख्य सचिव जेपी गुप्ता सपरिवार पहुंचे परमार्थ निकेतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: गुजरात के मुख्य सचिव जेपी गुप्ता सपरिवार पहुंचे परमार्थ निकेतन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में गुजरात के मुख्य सचिव जेपी गुप्ता सपरिवार पहुंचे। आश्रम में उन्होंने आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात कर विभिन्न सामाजिक और पर्यावरणीय विषयों पर चर्चा की। स्वामी ने उन्हें रुद्राक्ष का पौधा भेंट करते हुए कहा कि पौधरोपण आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य की नींव रखता है।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने गुजरात के मुख्य सचिव को गंगा तट पर आयोजित गंगा आरती में आमंत्रित करते हुए कहा कि भारत को ऐसे समर्पित और दूरदर्शी प्रशासकों की आवश्यकता है, जो आध्यात्मिक मूल्यों और सतत विकास को साथ लेकर आगे बढ़ सके। धार्मिक संस्थाओं और प्रशासनिक तंत्र के सहयोग से जल, जंगल और जीवन की रक्षा की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। जल और जंगल हमारे जीवन के मूल हैं। जब तक हम इन्हें बचाकर नहीं रखेंगे, तब तक मानवता का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। मुख्य सचिव जेपी गुप्ता ने कहा कि आज का युग पर्यावरणीय आपदाओं और सामाजिक विषमताओं का है। ऐसे समय में परमार्थ निकेतन जैसे संस्थान समाज को एक नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
विज्ञापन
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में गुजरात के मुख्य सचिव जेपी गुप्ता सपरिवार पहुंचे। आश्रम में उन्होंने आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात कर विभिन्न सामाजिक और पर्यावरणीय विषयों पर चर्चा की। स्वामी ने उन्हें रुद्राक्ष का पौधा भेंट करते हुए कहा कि पौधरोपण आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य की नींव रखता है।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने गुजरात के मुख्य सचिव को गंगा तट पर आयोजित गंगा आरती में आमंत्रित करते हुए कहा कि भारत को ऐसे समर्पित और दूरदर्शी प्रशासकों की आवश्यकता है, जो आध्यात्मिक मूल्यों और सतत विकास को साथ लेकर आगे बढ़ सके। धार्मिक संस्थाओं और प्रशासनिक तंत्र के सहयोग से जल, जंगल और जीवन की रक्षा की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। जल और जंगल हमारे जीवन के मूल हैं। जब तक हम इन्हें बचाकर नहीं रखेंगे, तब तक मानवता का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। मुख्य सचिव जेपी गुप्ता ने कहा कि आज का युग पर्यावरणीय आपदाओं और सामाजिक विषमताओं का है। ऐसे समय में परमार्थ निकेतन जैसे संस्थान समाज को एक नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
विज्ञापन