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Rishikesh News: जुड्डा गांव में वनकर्मी कर रहे गश्त
Wed, 22 Oct 2025 01:21 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 22 Oct 2025 01:21 AM IST
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यमकेश्वर विकासखंड के जुड्डा गांव में बीते 19 अक्तूबर को भालू के हमले में घायल महिला को एम्स से छुट्टी मिल गई है। गांव में लालढांग रेंज के वन कर्मचारी गश्त कर रहे हैं। वन विभाग की ओर से पैदल रास्तों पर चलने के लिए ग्रामीणों को सचेत रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बीते 19 अक्तूबर को जुड्डा गांव में मेघा भंडारी घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर घास लेने गई थी। महिला ने घास काटना शुरू किया था कि अचानक झाड़ियों में छिपे भालू ने उनपर हमला कर दिया। भालू के हमले से महिला घायल हो गई। महिला के सिर में चोटें आई थी। ग्रामीणों ने महिला को एम्स अस्पताल में भर्ती किया। जहां 21 अक्तूबर को महिला को छुट्टी दे दी गई है।
लाल डांग रेंज के वनकर्मी पंकज कुमार ने बताया कि गांव में लगातार गश्त की जा रही है। रविवार की घटना के बाद से भालू कहीं देखा नहीं गया है। पैदल रास्तों पर चलने के लिए ग्रामीणों को सचेत रहने को कहा गया है। वन क्षेत्राधिकारी लालडांग रेंजर अनुराग जोशी ने बताया कि भालू के हमले में घायल महिला मेघा को उनकी सास सुंदरी देवी ने बचाने का प्रयास किया था। बुजुर्ग महिला सुंदरी देवी का यह साहस ग्रामीणों के लिए सकारात्मक पहल है। घायल महिला को मुआवजा देने की प्रकिया की जा रही है। फिलहाल इलाज के लिए पांच हजार की राशि महिला को दी गई है।
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बीते 19 अक्तूबर को जुड्डा गांव में मेघा भंडारी घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर घास लेने गई थी। महिला ने घास काटना शुरू किया था कि अचानक झाड़ियों में छिपे भालू ने उनपर हमला कर दिया। भालू के हमले से महिला घायल हो गई। महिला के सिर में चोटें आई थी। ग्रामीणों ने महिला को एम्स अस्पताल में भर्ती किया। जहां 21 अक्तूबर को महिला को छुट्टी दे दी गई है।
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लाल डांग रेंज के वनकर्मी पंकज कुमार ने बताया कि गांव में लगातार गश्त की जा रही है। रविवार की घटना के बाद से भालू कहीं देखा नहीं गया है। पैदल रास्तों पर चलने के लिए ग्रामीणों को सचेत रहने को कहा गया है। वन क्षेत्राधिकारी लालडांग रेंजर अनुराग जोशी ने बताया कि भालू के हमले में घायल महिला मेघा को उनकी सास सुंदरी देवी ने बचाने का प्रयास किया था। बुजुर्ग महिला सुंदरी देवी का यह साहस ग्रामीणों के लिए सकारात्मक पहल है। घायल महिला को मुआवजा देने की प्रकिया की जा रही है। फिलहाल इलाज के लिए पांच हजार की राशि महिला को दी गई है।
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