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सोमवार से हटेगा चंद्रभागा नदी से अतिक्रमण
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चंद्रभागा नदी में इस तरह किया गया है अतिक्रमण।
- फोटो : RISHIKESH
नगर निगम ने सिंचाई विभाग और पुलिस के साथ मिलकर चार नवंबर से चंद्रभागा नदी से अतिक्रमण हटाने का दिन निश्चित किया है। दीपावली से पूर्व निगम की ओर से चंद्रभागा नदी क्षेत्र में बस्ती पर मुनादी भी कराई गई है।
एनजीटी ने एक व्यक्ति की शिकायत पर बीते 11 जून को चंद्रभागा नदी का निरीक्षण किया था। इसके बाद आठ जुलाई को निर्देश जारी कर 261 अतिक्रमणकारियों को 24 जुलाई तक अपना पक्ष रखने को कहा था। 24 जुलाई को 176 अतिक्रमणकारी ही नगर निगम में प्रस्तुत हुए। उन्होंने चंद्रभागा नदी किनारे निवास के संबंध में निगम को कोई विधिक आदेश, पट्टा भूमि अधिकार संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए, सिर्फ मौखिक रूप से अपना पक्ष रखा और बताया कि पिछले 15 वर्षों से वे यहां कच्ची झोपड़ी बनाकर निवास कर रहे हैं। इसके बाद निगम ने पाया कि उक्त भूमि राजस्व अभिलेखों में नॉन जैडए खतौनी में जलमग्न भूमि के अंतर्गत श्रेणी-15 में दर्ज है। उक्त भूमि नदी चंद्रभागा गंगा नदी में दर्ज अभिलेख तथा उक्त खसरा में किसी भी काबिज का नाम दर्ज नहीं है। निगम ने माना कि जलमग्न भूमि पर बरसात के लिए भूमिधारी अधिकार प्रदान नहीं किए जा सकते। निगम की ओर से नोटिस देकर एक माह का समय भी दिया गया। एक माह बाद कुछ हद तक कार्रवाई भी हुई, फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया। मगर, अब सिंचाई विभाग और पुलिस के सहयोग से चार नवंबर से यहां अतिक्रमण पर कार्रवाई की जाएगी। दीपावली से पूर्व चंद्रभागा में अतिक्रमणकारियों के लिए मुनादी के जरिए स्वयं अतिक्रमण हटाने को कहा गया था।
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दीपावली से पूर्व चंद्रभागा नदी क्षेत्र में बस्ती पर मुनादी कराई गई है। साथ ही पुलिस और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक भी की जा चुकी है। अतिक्रमण पर कार्रवाई चार नवंबर से शुरू की जाएगी।
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- ऐलम दास, सहायक नगर आयुक्त
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एनजीटी ने एक व्यक्ति की शिकायत पर बीते 11 जून को चंद्रभागा नदी का निरीक्षण किया था। इसके बाद आठ जुलाई को निर्देश जारी कर 261 अतिक्रमणकारियों को 24 जुलाई तक अपना पक्ष रखने को कहा था। 24 जुलाई को 176 अतिक्रमणकारी ही नगर निगम में प्रस्तुत हुए। उन्होंने चंद्रभागा नदी किनारे निवास के संबंध में निगम को कोई विधिक आदेश, पट्टा भूमि अधिकार संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए, सिर्फ मौखिक रूप से अपना पक्ष रखा और बताया कि पिछले 15 वर्षों से वे यहां कच्ची झोपड़ी बनाकर निवास कर रहे हैं। इसके बाद निगम ने पाया कि उक्त भूमि राजस्व अभिलेखों में नॉन जैडए खतौनी में जलमग्न भूमि के अंतर्गत श्रेणी-15 में दर्ज है। उक्त भूमि नदी चंद्रभागा गंगा नदी में दर्ज अभिलेख तथा उक्त खसरा में किसी भी काबिज का नाम दर्ज नहीं है। निगम ने माना कि जलमग्न भूमि पर बरसात के लिए भूमिधारी अधिकार प्रदान नहीं किए जा सकते। निगम की ओर से नोटिस देकर एक माह का समय भी दिया गया। एक माह बाद कुछ हद तक कार्रवाई भी हुई, फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया। मगर, अब सिंचाई विभाग और पुलिस के सहयोग से चार नवंबर से यहां अतिक्रमण पर कार्रवाई की जाएगी। दीपावली से पूर्व चंद्रभागा में अतिक्रमणकारियों के लिए मुनादी के जरिए स्वयं अतिक्रमण हटाने को कहा गया था।
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दीपावली से पूर्व चंद्रभागा नदी क्षेत्र में बस्ती पर मुनादी कराई गई है। साथ ही पुलिस और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक भी की जा चुकी है। अतिक्रमण पर कार्रवाई चार नवंबर से शुरू की जाएगी।
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- ऐलम दास, सहायक नगर आयुक्त