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डोईवाला जिला योजना समिति चुनाव: नवजात को लेकर पहुंचीं सभासद, पिता की मौत के तीन दिन बाद वोट देने आए लोधी
Fri, 16 Oct 2026 03:01 PM IST
Renu Saklani
संवाद न्यूज एजेंसी, डोईवाला (ऋशिकेश)
संवाद न्यूज एजेंसी, डोईवाला (ऋशिकेश)
Published by: Renu Saklani
Updated Fri, 16 Oct 2026 03:01 PM IST
सार
जिला योजना समिति के चुनाव में डोईवाला में लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाने की दो तस्वीरें सामने आईं। एक ओर सभासद बबीता देवी अपनी सवा महीने की नवजात बच्ची को गोद में लेकर मतदान करने पहुंचीं, तो दूसरी ओर सुंदर लोधी पिता के निधन के तीन दिन बाद भी अपना वोट डालने तहसील मुख्यालय पहुंचे।
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मतदाता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
डोईवाला में जिला योजना समिति के चुनाव में जनप्रतिनिधियों के बीच लोकतंत्र के प्रति आस्था और अपने मताधिकार के प्रति जिम्मेदारी की दो प्रेरक तस्वीरें देखने को मिलीं। एक ओर वार्ड संख्या 12 की सभासद बबीता देवी अपनी सवा महीने की नवजात बच्ची को गोद में लेकर मतदान करने पहुंचीं, तो दूसरी ओर वार्ड संख्या 16 के सभासद सुंदर लोधी अपने पिता के निधन के तीन दिन बाद मतदान करने तहसील मुख्यालय पहुंचे। दोनों जनप्रतिनिधियों का मतदान के प्रति यह समर्पण चर्चा का विषय रहा।
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जिला योजना समिति के चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाई। इस दौरान सभासद बबीता देवी अपनी नन्ही बच्ची को साथ लेकर मतदान केंद्र पहुंचीं। सवा महीने की बच्ची को गोद में लेकर मतदान करने पहुंचीं बबीता देवी की तस्वीर ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनकी उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र में प्रत्येक मत का महत्व है और जिम्मेदारी निभाने का जज्बा हर परिस्थिति में कायम रह सकता है।
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वहीं, वार्ड संख्या 16 के सभासद सुंदर लोधी भी अपने मताधिकार का प्रयोग करने तहसील मुख्यालय पहुंचे। उनके पिता का तीन दिन पहले आकस्मिक निधन हो गया था। परिवार में शोक के बीच उन्होंने अंतिम संस्कार के बाद आवश्यक रीति-रिवाजों का पालन किया और फिर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी निभाने पहुंचे। व्यक्तिगत दुख की इस घड़ी में मतदान करने पहुंचना उनके कर्तव्यबोध को दर्शाता है।
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जिला योजना समिति के चुनाव के दौरान सामने आईं ये दोनों तस्वीरें जनप्रतिनिधियों की लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति आस्था और मतदान के महत्व को रेखांकित करती हैं। एक ओर मातृत्व की जिम्मेदारी के बीच बबीता देवी मतदान करने पहुंचीं, तो दूसरी ओर पारिवारिक शोक के बीच सुंदर लोधी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। दोनों जनप्रतिनिधियों की यह पहल चुनाव के दौरान चर्चा का विषय बनी रही।