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जलवायु परिवर्तन के कारण आ रही दैवीय आपदा
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ओमकारानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में एक चैनल के वरिष्ठ संपादक हिमांशु शेखर मिश्रा ने व्याख्यान दिया। व्याख्यान में उन्होंने पॉलीटिकल एंड करंट अफेयरर्स, क्लाइमेट स्मार्ट डिजास्टर, रिजिलियेंट बिजनेस मॉड्यूल फॉर इंडस्ट्री विषय पर व्याख्यान दिए। कार्यक्रम में संस्थान के छात्रों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।
बृहस्पितवार को आयोजित कार्यक्रम में हिमांशु शेखर मिश्रा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की वजह से प्राकृतिक आपदा और दैवीय आपदा का ज्यादा खतरा होता है। जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए बिजनेस मॉडल तैयार कर आपदा ग्रसित क्षेत्रों में हर संभावना को पूर्ण कर सकता है, केदारनाथ आपदा, जम्मू कश्मीर आपदा भी जलवायु परिवर्तन के प्रमुख कारण है। उद्योग जगत भी आपदा क्षेत्रों में कई बिजनेस मॉड्यूल तैयार करके वहां के जलवायु में होने वाले परिवर्तन के साथ साथ कई संभावनाएं तलाश रहा है। पहाड़ में आपदाओं का कारण जलवायु परिवर्तन ही है। इसके खतरों से निपटने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर भी एकजुट होकर कार्य किया जा सकता है। इस मौके पर संस्थान निदेशक डॉ. विकास गैरोला, डीन प्रमोद उनियाल, डॉ. अपूर्व त्रिवेदी, डॉ. राजेश मनचंदा, डॉ. संतोष डबराल, नवीन द्विवेदी, कैलाश जोशी, मुकेश रणाकोटी, अजीत, अभिषेक आदि शामिल थे।
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बृहस्पितवार को आयोजित कार्यक्रम में हिमांशु शेखर मिश्रा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की वजह से प्राकृतिक आपदा और दैवीय आपदा का ज्यादा खतरा होता है। जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए बिजनेस मॉडल तैयार कर आपदा ग्रसित क्षेत्रों में हर संभावना को पूर्ण कर सकता है, केदारनाथ आपदा, जम्मू कश्मीर आपदा भी जलवायु परिवर्तन के प्रमुख कारण है। उद्योग जगत भी आपदा क्षेत्रों में कई बिजनेस मॉड्यूल तैयार करके वहां के जलवायु में होने वाले परिवर्तन के साथ साथ कई संभावनाएं तलाश रहा है। पहाड़ में आपदाओं का कारण जलवायु परिवर्तन ही है। इसके खतरों से निपटने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर भी एकजुट होकर कार्य किया जा सकता है। इस मौके पर संस्थान निदेशक डॉ. विकास गैरोला, डीन प्रमोद उनियाल, डॉ. अपूर्व त्रिवेदी, डॉ. राजेश मनचंदा, डॉ. संतोष डबराल, नवीन द्विवेदी, कैलाश जोशी, मुकेश रणाकोटी, अजीत, अभिषेक आदि शामिल थे।
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